जींद: दिल्ली में राहुल गांधी की गिरफ्तारी, छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन

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जींद: दिल्ली में राहुल गांधी की गिरफ्तारी, छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन


जींद, 22 जुलाई (हि.स.)। छात्रों की लोकतांत्रिक मांगों और उनके अधिकारों के समर्थन में बुधवार को जिला कांग्रेस अध्यक्ष रिषिपाल हैबतपुर के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शहर में गोहाना रोड स्थित कोर्ट मोड़ से लघु सचिवालय तक विरोध मार्च निकाला और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद कांग्रेस नेताओं ने उपायुक्त डा. वैशाली शर्मा के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंप कर छात्रों की मांगों पर तत्काल सकारात्मक कार्रवाई करने की मांग की।

प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष रिषिपाल हैबतपुर ने कहा कि देश का युवा आज अपने भविष्य, शिक्षा, रोजगार और न्यायपूर्ण अवसरों को लेकर गंभीर चिंता में है। छात्रों और युवाओं की लोकतांत्रिक आवाज को सुनने के बजाय यदि सरकार उनके अधिकारों के लिए उठाए जा रहे शांतिपूर्ण आंदोलनों को दबाने का प्रयास करेगी तो यह लोकतंत्र के लिए बेहद चिंताजनक स्थिति है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा छात्रों, युवाओं और आम नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की लड़ाई मजबूती से लड़ती रही है और आगे भी लड़ती रहेगी। रिषिपाल हैबतपुर ने दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को पुलिस द्वारा जबरन गिरफ्तार किए जाने और उन्हें प्रताडि़त किए जाने की भी घोर निंदा की। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने वाले देश के नेता प्रतिपक्ष और छात्रों के साथ इस प्रकार का व्यवहार लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अपनी नाकामियों के खिलाफ उठने वाली आवाजों को पुलिस बल के दम पर दबाना चाहती है लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ता और देश का युवा इससे डरने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि आज देश का युवा पारदर्शी परीक्षा प्रणाली, निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया और न्यायपूर्ण अवसर की मांग कर रहा है लेकिन उसकी आवाज को दबाने की बजाय सरकार को उसकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने वाले छात्रों और विपक्षी नेताओं के खिलाफ दमनात्मक रवैया अपनाना किसी भी स्थिति में उचित नहीं कहा जा सकता। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि देश की शिक्षा एवं परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता, निष्पक्षता और गरिमा को बनाए रखने की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा दें।

हिन्दुस्थान समाचार / विजेंद्र मराठा

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