जींद:पब्लिक हेल्थ विभाग का एसडीसी 15 हजार रुपये रिश्वत लेते काबू
जींद, 05 नवंबर (हि.स.)। एंटी करप्शन ब्यूरो टीम ने गुरूवार को 15 लाख रुपये का बिल पास करने की एवज में 15 हजार रुपये रिश्वत लेते पब्लिक हेल्थ विभाग के एसडीसी को काबू किया है। इस मामले में एचकेआरएन के गु्रप डी कर्मी का नाम भी सामने आया है। जिससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने पब्लिक हेल्थ विभाग के एसडीसी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
गांव रामगढ़ निवासी प्रदीप कुमार ने एंटी करप्शन ब्यूरो को दी शिकायत में बताया कि वह पब्लिक हैल्थ में ठेकेदारी का काम करता है। पिछले दो साल से डिवीजन नंबर दो में नौ लाख व डिवीजन नंबर एक में छह लाख रुपये बकाया थे। बिलों के भुगतान के लिए वो एसडीसी धर्मवीर से मिला और उसने तीन प्रतिशत के हिसाब से 15 हजार रुपये रिश्वत की मांग की। जिसकी उसने रिकोर्डिंग भी कर ली। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो टीम ने टीम का गठन किया।
शिकायतकर्ता को 500-500 रुपये के 30 नोट दिए। एनीमल हस्बैंडरी के डिप्टी डायरेक्टर डा. सूर्या को डयूटी मजिस्ट्रेट के तौर पर नियुक्त किया गया। ट्रैप लगा कर एसडीसी धर्मवीर को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। एंटी करप्शन ब्यूरो ने एसडीसी धर्मबीर के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है।
एंटी करप्शन के ब्यूरो निरीक्षक महेंद्र सिंह ने बताया कि 15 लाख रुपये के बिल पास करने की एवज में पब्लिक हेल्थ विभाग के एसडीसी को काबू किया गया है। इस मामले में एचकेआरएन ग्रुप डी से रुपये बरामद हुए हैं। जिसने रुपये लेकर धर्मवीर को पकड़ा दिए लेकिन उसे यह नही मालुम था कि यह रुपये किस बात के हैं। पुलिस पूछताछ कर रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजेंद्र मराठा

