हिसार : सरपंचों के धरने पर बढ़ रहा समर्थन करने वालों का कारवां



आंदोलन दसवें दिन भी जारी, नारेबाजी करके गरजे सरपंच

मनमाने फैसलों से पंचायतों को पंगु बना रही सरकार : हिन्दुुस्तानी

हिसार, 25 जनवरी (हि.स.)। राइट टू रिकॉल व ई-टेंडरिंग के विरोध में पंचायतों को पूरे अधिकार दिए जाने की मांग पर सरपंचों का धरना लगातार जारी है। हिसार के खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय के समक्ष दिए जा रहे धरने के दसवें दिन बुधवार को सरपंचों ने सरकार के खिलाफ अपना आंदोलन जारी रखा। अध्यक्षता हिसार सरपंच एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष व प्रधान आज़ाद सिंह हिंदुस्तानी सरपंच एसोसिएशन हिसार-1 ब्लॉक एवं गंगवा सरपंच भगवान दास ने संयुक्त रूप से की।

धरने के दौरान सरपंचों ने सरकार से मांगे मानने की मांग दोहराई वहीं समर्थन देने वालों ने कहा कि सरकार पंचायतों के अधिकारों का हनन कर रही है। समर्थन देने वालों में किसान सभा के तहसील प्रधान सूबेसिंह बूरा, हनुमान जौहर, विजय सिंह चायल, साहब राम गोदारा, रणधीर सिंह बामल, बलराज सिंह मलिक, एआईडीएसोओ के प्रदेश उपाध्यक्ष एचएस राजेश सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने कहा कि पंचायतों के अधिकारों के मामले में सरकार दोगली नीति अपना रही है। उन्होंने कहा कि यदि राइट टू रिकॉल इतना बढ़िया कानून है तो इसे सांसदों व विधायकों पर भी लागू करना चाहिए ताकि सही काम न करने पर जनता उन्हें वापिस बुला सके।

प्रधान आजाद सिंह हिन्दुस्तानी ने कहा कि सरकार मनमाने फैसले करके पंचायतों को पंगु बनाना चाहती है। सरकार को ऐसे फैसले बदलने होंगे नहीं तो प्रदेश के सरपंच डटकर विरोध करेंगे। उन्होंने कहा कि राइट टू रिकॉल भी सरकार का मनमाना फैसला है। इस फैसले से केवल सरपंचों पर दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है, जो अनुचित है। उन्होंने कहा कि पंचायती राज अधिनियम 1994 के तहत मिले अधिकारों में कटौती करके सरकार पंचायतों के पर काटने जैसे काम कर रही है। सरकार को चाहिए कि वह पंचायतों को उक्त अधिनियम के तहत मिले पूरे अधिकारों के तहत काम करने दें ताकि गांवों का समुचित विकास हो सके।

हिन्दुस्थान समाचार/राजेश्वर

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