हरियाणा में खोले जाएंगे चार हजार राशन डिपो:राजेश नागर

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-जहां डिपो का लाइसेंस रद्द हुआ,वहां उपभोक्ताओं को दूसरे डिपो से जोड़ेंंगे

-डिपो पर माह में चार बार स्टॉक की जांच करेंगे अधिकारी

चंडीगढ़, 24 जून (हि.स.)। हरियाणा के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले राज्य मंत्री राजेश नागर ने अधिकारियों को मुख्यमंत्री की बजट घोषणा के अनुरूप सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत 4,000 नए राशन डिपो खोलने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिन डिपो का लाइसेंस निलंबित या रद्द किया गया है, उन्हें निकटवर्ती डिपो से जोड़े जाने की जानकारी मुख्यालय के साथ-साथ आम जनता तक भी पहुंचाई जाए ताकि राशन उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के सभी जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रकों के साथ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए नागर ने कहा कि केंद्र सरकार के ‘एक राष्ट्र-एक राशन कार्ड’ के लक्ष्य को प्रभावी ढंग से लागू करना विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खराब पीओएस मशीनों का डाटा आधार से अपडेट किया जाए तथा इनमें आई-स्कैनर और फेस-स्कैनर जैसी आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई जाएं।

मंत्री ने कहा कि राशन डिपो संचालकों की मार्जिन मनी प्रत्येक माह की 10 तारीख तक उनके खातों में पहुंचनी चाहिए। साथ ही उन्होंने डिपो के स्टॉक की निगरानी के लिए मुख्यालय स्तर पर विशेष टीम गठित करने तथा महीने में कम से कम चार से पांच बार रैंडम निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में अंत्योदय अन्न योजना और बीपीएल श्रेणी के कुल 40 लाख परिवार हैं, जिनके 1.57 करोड़ लाभार्थियों को हर माह राशन उपलब्ध कराया जाता है। इनमें 2.86 लाख अंत्योदय परिवार तथा 37.14 लाख बीपीएल परिवार शामिल हैं।

राजेश नागर ने अधिकारियों को पंजाब, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली और राजस्थान की सार्वजनिक वितरण प्रणालियों का अध्ययन करने के निर्देश देते हुए कहा कि यह देखा जाए कि वहां उपभोक्ताओं को राशन के साथ कौन-कौन सी अतिरिक्त वस्तुएं उपलब्ध कराई जाती हैं। विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. जे. गणेशन ने मंत्री को बताया कि डिपो संचालकों की मार्जिन मनी के भुगतान के लिए एक विशेष पोर्टल विकसित किया जा रहा है। इसके शुरू होने के बाद भुगतान की प्रक्रिया स्वचालित हो जाएगी और राशि सीधे डिपो संचालकों के खातों में जमा हो जाएगी। उन्होंने बताया कि अप्रैल 2026 के लिए 42.90 करोड़ रुपये की राशि जारी की जा चुकी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

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