हिसार : गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय के टैलेंट सर्च में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा
एलोकेशन, मोनो एक्टिंग, गायन-वादन, पोस्टर मेकिंग और क्ले मॉडलिंग में विद्यार्थियों
ने लिया भाग
हिसार, 28 सितंबर (हि.स.)। गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय
के छात्र कल्याण अधिष्ठाता कार्यालय की ओर से नवोदित विद्यार्थियों की अंतर्निहित प्रतिभाओं
को पहचानने और उन्हें अभिव्यक्ति का मंच प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित दो दिवसीय
टैलेंट सर्च-प्रतिभा खोज कार्यक्रम का साेमवार काे भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन छात्र
कल्याण अधिष्ठाता प्रो. एमके शर्मा ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित
कर किया। इस अवसर पर छात्र कल्याण सह-अधिष्ठाता डॉ. विक्रमजीत सिंह, निदेशक सांस्कृतिक
मामले डॉ. तरुणा, अतिरिक्त सह-निदेशक सांस्कृतिक मामले डॉ. गीतू और डीवाईडब्ल्यू अजीत
सिंह विशेष रूप से मौजूद रहे।
प्रो. एमके शर्मा ने कहा कि शिक्षा केवल पुस्तकों और परीक्षाओं तक सीमित नहीं
है, बल्कि विद्यार्थी के व्यक्तित्व का वास्तविक विकास उसकी प्रतिभा, रचनात्मकता और
अभिरुचियों के विकास से होता है। विद्यार्थी की पहचान केवल उसके अकादमिक प्रदर्शन से
नहीं, बल्कि उसकी विशिष्ट प्रतिभा और सृजनात्मक क्षमता से भी बनती है। सांस्कृतिक गतिविधियां
विद्यार्थियों को अपनी जड़ों, परंपराओं और समृद्ध विरासत से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम
हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी के भीतर प्रतिभा का बीज मौजूद होता है।
आवश्यकता
उसे उचित अवसर और मंच देने की है। विश्वविद्यालय का टैलेंट सर्च कार्यक्रम नवोदित विद्यार्थियों
को ऐसा मंच उपलब्ध करा रहा है, जहां उनकी सृजनात्मक प्रतिभाओं को आकार मिल सके। उन्होंने
विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे संकोच छोड़कर अपनी कला और रचनात्मकता को पूरी ऊर्जा
के साथ मंच पर प्रस्तुत करें। ऐसे आयोजन आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, संवेदनशीलता
और टीम भावना के विकास में भी सहायक होते हैं।
विभिन्न प्रतियोगिताओं में दिखी प्रतिभा की रंगत
कार्यक्रम के प्रथम दिन विद्यार्थियों ने एलोकेशन, मोनो एक्टिंग, गायन-वादन,
पोस्टर मेकिंग और क्ले मॉडलिंग जैसी विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
एलोकेशन में विचारों की मुखरता, मोनो एक्टिंग में अभिनय की संवेदना, गायन-वादन में
सुरों की साधना, पोस्टर मेकिंग में रंगों की कल्पनाशीलता और क्ले मॉडलिंग में सृजनात्मक
कौशल की झलक देखने को मिली। प्रतियोगिताओं में बाहर से आमंत्रित अनुभवी निर्णायकों
ने प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों का मूल्यांकन किया। निदेशक सांस्कृतिक मामले डॉ. तरुणा ने स्वागत की परंपरा का निर्वहन करते हुए
अतिथियों, निर्णायकों और प्रतिभागी विद्यार्थियों का अभिनंदन किया। इस अवसर पर सांस्कृतिक
कमेटी के सदस्य डॉ. सुनैना, डॉ. साक्षी, डॉ. सोनिका और डॉ. रवींद्र मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

