हिसार : खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में तेजी से बदल रही भविष्य की संभावनाएं : प्रो. नरेंद्र सिंह राठौड़

WhatsApp Channel Join Now
हिसार : खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में तेजी से बदल रही भविष्य की संभावनाएं : प्रो. नरेंद्र सिंह राठौड़


गुजविप्रौवि में शिक्षकों एवं विद्यार्थियों से

किया संवाद, आधुनिक तकनीकों के व्यावहारिक ज्ञान पर दिया जोर

हिसार, 29 अक्टूबर (हि.स.)। प्रख्यात शिक्षाविद्,

वैज्ञानिक एवं पूर्व कुलपति प्रो. डॉ. नरेंद्र सिंह राठौड़ ने कहा है कि खाद्य प्रसंस्करण

क्षेत्र में भविष्य की संभावनाएं तेजी से बदल रही हैं। ऐसे में विद्यार्थियों के लिए

पारंपरिक ज्ञान के साथ-साथ आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान हासिल करना भी आवश्यक

है। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), डेटा विश्लेषण और प्रौद्योगिकी आधारित

निर्णय प्रक्रिया खाद्य प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

विद्यार्थियों को इन बदलावों के अनुरूप अपनी दक्षताओं का विकास करना चाहिए।

प्रो. राठौड़ गुरुवार काे गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी

विश्वविद्यालय के खाद्य प्रौद्योगिकी विभाग में आयोजित शिक्षक-विद्यार्थी संवाद कार्यक्रम

में मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग

एंड टेक्नोलॉजी (एफईटी) की डीन प्रो. अलका शर्मा, प्रो. मनीष कुमार, डॉ. ज्योति, डॉ.

सोनिका, डॉ. नेहा यादव, इंजीनियर सुनील कुमार तथा इंजीनियर मिथुन उपस्थित रहे।

प्रो. राठौड़ ने खाद्य प्रौद्योगिकी के मूलभूत

सिद्धांतों, इसके विकास क्रम तथा बदलते औद्योगिक परिदृश्य पर विस्तार से प्रकाश डाला।

उन्होंने खाद्य प्रसंस्करण एवं इससे जुड़े उद्योगों में तकनीकी नवाचारों के बढ़ते महत्व

को रेखांकित करते हुए कहा कि औद्योगिक आवश्यकताओं में हो रहे बदलावों के साथ कदमताल

करना समय की जरूरत है। विद्यार्थियों को विषय की बुनियादी अवधारणाओं पर मजबूत पकड़

बनाने के साथ नवीन तकनीकों को अपनाने और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने पर ध्यान

देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अपने व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद

प्रो. राठौड़ का विद्यार्थियों के बीच पहुंचकर उनका मार्गदर्शन करना उनकी शैक्षणिक

प्रतिबद्धता और युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की भावना को दर्शाता है। प्रो. मनीष कुमार ने कहा कि यह आयोजन विद्यार्थियों

को अनुभवी शिक्षाविदों के विचारों से परिचित कराने, खाद्य प्रौद्योगिकी के बदलते स्वरूप

को समझने तथा शिक्षा और उद्योग के बीच संवाद को मजबूत करने की दिशा में एक सार्थक पहल

रहा।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

Livevns.news Desk
Livevns.news Desk

769065 Articles

Share this story