स्टैंडिंग फाइनेंस कमेटी ने पीएम-सेतु योजना को दी मंजूरी

WhatsApp Channel Join Now
स्टैंडिंग फाइनेंस कमेटी ने पीएम-सेतु योजना को दी मंजूरी


-हरियाणा में युवाओं को मिलेगा बेहतर रोजगार और शानदार पैकेज

चंडीगढ़, 24 अक्टूबर (हि.स.)। हरियाणा में कौशल विकास और युवाओं को रोजगार से जोडऩे की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आयोजित स्टैंडिंग फाइनेंस कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक में राज्य में पहली बार शुरू की जा रही पीएम-सेतु (अपग्रेडेड आईटीआई के माध्यम से प्रधानमंत्री कौशल और रोजगार क्षमता परिवर्तन) योजना के कार्यान्वयन और इसके बजट प्रावधानों को हरी झंडी दे दी गई।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के अपग्रेड किए गए आईटीआई से पास होने वाले कुशल युवाओं की अधिक से अधिक नौकरियां सुनिश्चित करना और उन्हें उद्योग जगत की जरूरतों के अनुसार बेहतर सैलरी पैकेज दिलाना है।

बैठक में मुख्यमंत्री ने लगभग 320.44 करोड़ रुपये की लागत वाले कुरुक्षेत्र क्लस्टर के प्रोजेक्ट को भी मंजूरी दी। केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित पीएम-सेतु योजना की घोषणा केंद्रीय बजट 2024-25 में की गई थी, जिसे बजट 2025-26 में और विस्तार दिया गया है। इस योजना का कुल राष्ट्रीय बजट 60,000 करोड़ है, जिसमें केंद्र सरकार का अंश 30,000 करोड़, राज्यों का अंश 20,000 करोड़ और उद्योग जगत (इंडस्ट्री) का योगदान 10,000 करोड़ रहेगा।

इसके साथ ही, एशियाई विकास बैंक और विश्व बैंक द्वारा भी 'परिणाम-आधारित ऋण' के माध्यम से केंद्र के हिस्से की 50 प्रतिशत तक सह-वित्तपोषित सहायता दी जाएगी। इस योजना के तहत देश भर की 1,000 सरकारी आईटीआई और 5 राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों को अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जा रहा है।

योजना के तहत आईटीआई को 'हब-एंड-स्पोक' क्लस्टर मॉडल पर विकसित किया जाएगा। इसके पहले घटक को हरियाणा का 'कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग' लागू करेगा, जबकि दूसरा घटक सीधे केंद्रीय कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय द्वारा संचालित होगा। प्रत्येक हब आईटीआई के साथ लगभग 4 स्पोक आईटीआई जोड़े जाएंगे, जहां आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, मशीनरी और डिजिटल लर्निंग की सुविधाएं होंगी।

हरियाणा राज्य में इस योजना के अंतर्गत लगभग 60 सरकारी आईटीआई को कवर करने वाले 12 क्लस्टर तैयार करने की योजना है। इस पर कुल अनुमानित खर्च 2,892 करोड़ होगा, जिसमें राज्य सरकार की हिस्सेदारी लगभग 954 करोड़ निर्धारित की गई है। वर्तमान में राज्य के 7 क्लस्टरों की पहचान हो चुकी है। कुरुक्षेत्र क्लस्टर की रणनीतिक निवेश योजना को राष्ट्रीय संचालन समिति द्वारा मंजूरी मिल चुकी है, जबकि कलायत क्लस्टर की योजना जनवरी 2027 के बाद होगी। इसके अतिरिक्त पलवल, सोनीपत और छारा क्लस्टरों के लिए आरएफपी जारी कर दी गई है, वहीं पानीपत और रेवाड़ी के लिए दिसंबर में आरएफपी जारी की जाएगी।

बैठक में कुरुक्षेत्र आईटीआई क्लस्टर के वित्तीय आवंटन को विस्तार से स्वीकृति दी गई। बैठक में समिति ने पीएम -सेतु योजना के लिए एक नया बजट हेड खोलने के साथ-साथ कुरुक्षेत्र क्लस्टर के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 के दौरान राज्य के हिस्से के 105.75 करोड़ के प्रावधान को मंजूरी दे दी।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

Livevns.news Desk
Livevns.news Desk

766233 Articles

Share this story