सोनीपत: सरकार का शिक्षा, शोध और कौशल विकास पर फोकस: मुख्यमंत्री सैनी
-अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा
20 करोड़ रुपये बजट का प्रावधान
-दीनबंधु छोटूराम विश्वविद्यालय दीक्षांत
समारोह में विकास का संकल्प
सोनीपत, 06 अप्रैल (हि.स.)। दीनबंधू
छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में सोमवार को मुख्यमंत्री
नायब सिंह सैनी ने कहा किहरियाणासरकार का शिक्षा, शोध और कौशल विकास
पर विशेष फोकस है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मुख्य अतिथि के रूप में
शामिल हुए। देश के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन तथा हरियाणा के राज्यपाल और कुलाधिपति
असीम कुमार घोष की गरिमामयी उपस्थिति रही। समारोह में विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों
की बड़ी संख्या मौजूद रही।
मुख्यमंत्री
ने उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह दिन विश्वविद्यालय
के इतिहास का महत्त्वपूर्ण पड़ाव है और विद्यार्थियों के जीवन का अविस्मरणीय क्षण है।
शिक्षकों और अभिभावकों के योगदान को भी उन्होंने सफलता का आधार बताया।
मुख्यमंत्री
ने कहा कि दीनबंधू छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय महान समाज सुधारक
चौधरी छोटू राम के नाम पर स्थापित है। छोटू राम ने शिक्षा को गरीबी और अज्ञानता से
मुक्ति का सबसे बड़ा साधन बताया था। विश्वविद्यालय आज उनके आदर्शों को आधुनिक विज्ञान
और तकनीक के साथ जोड़ते हुए राष्ट्र निर्माण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने
कहा कि हरियाणा ने शिक्षा, खेल, संस्कृति, शोध और औद्योगिक क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति
की है। राज्य का लक्ष्य है कि हर युवा आत्मनिर्भर बने और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा
करने में सक्षम हो। अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने हरियाणा
राज्य अनुसंधान कोष के तहत 20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। वर्ष 2025-26 में
350 से अधिक शोध प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनमें से लगभग 90 प्रस्तावों को चयनित किया
गया। चालू वर्ष में भी इस कोष के लिए अतिरिक्त 20 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
सरकार का उद्देश्य शोध संस्कृति को मजबूत करना और विद्यार्थियों को नवाचार के लिए प्रेरित
करना है।
मुख्यमंत्री
ने बताया कि युवाओं के कौशल विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पारदर्शी भर्ती
प्रक्रिया के माध्यम से बिना पर्ची-खर्ची लगभग 2 लाख युवाओं को रोजगार दिया गया है।
यह पहल युवाओं में विश्वास बढ़ाने और रोजगार के अवसर विस्तारित करने की दिशा में महत्त्वपूर्ण
कदम मानी जा रही है।
उन्होंने
कहा कि राज्य सरकार एआई और डिजिटल कॉलेज स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रही है,
जहां आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षण प्रणाली लागू होगी। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा गुणवत्ता
और अनुसंधान उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए 10 करोड़ रुपये का विशेष कोष भी स्थापित
किया जाएगा। यह पहल शिक्षा के स्वरूप को आधुनिक बनाने में सहायक होगी।
विद्यार्थियों
से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कड़ी मेहनत करने का आह्वान
किया। उन्होंने कहा कि मानसिक, शारीरिक और नैतिक रूप से मजबूत बनना समय की आवश्यकता
है। समारोह के अंत में उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की
शुभकामनाएं दी गईं। विश्वविद्यालय प्रशासन को सफल आयोजन के लिए बधाई दी गई और हरियाणा
तथा भारत को वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयों तक ले जाने का सामूहिक संकल्प दोहराया गया।
कार्यक्रम में सहकारिता मंत्री अरविंद शर्मा, कुलपति प्रोफेसर श्रीप्रकाश सिंह, शिक्षक
और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / नरेंद्र शर्मा परवाना

