सोनीपत:मुख्यमंत्री विंडो के नए आदेश के विरोध में संगठनों ने सौंपा ज्ञापन
सोनीपत, 29 जुलाई (हि.स.)। सोनीपत
में मुख्यमंत्री विंडो से संबंधित नए प्रशासनिक आदेश के विरोध में बुधवार को रक्षक
सेना भारत और विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी लघु सचिवालय पहुंचे। प्रतिनिधिमंडल
ने उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर उस आदेश को तत्काल वापस
लेने की मांग की, जिसके तहत वर्षों से लंबित शिकायतों को केवल एमिनेंट सदस्य के हस्ताक्षर
के आधार पर बंद करने की व्यवस्था की गई है।
संगठनों
का कहना है कि शिकायतों का वास्तविक समाधान किए बिना उन्हें बंद करना जनहित के खिलाफ
है। इससे आम लोगों का प्रशासन और न्याय व्यवस्था पर भरोसा कमजोर होगा। प्रदर्शनकारियों
ने चेतावनी दी कि यदि आदेश वापस नहीं लिया गया तो यह मामला राज्य सरकार और संबंधित
मंत्रियों के समक्ष भी प्रमुखता से उठाया जाएगा। रक्षक सेना भारत के प्रमुख मनजीत तिहाड़ा
ने कहा कि मुख्यमंत्री विंडो आम नागरिकों को न्याय दिलाने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
उन्होंने कहा कि एमिनेंट सदस्य की जिम्मेदारी केवल हस्ताक्षर करना नहीं, बल्कि शिकायतों
के निष्पक्ष और प्रभावी समाधान को सुनिश्चित करना है। यदि बिना जमीनी स्तर पर समस्या
का समाधान किए शिकायतें बंद की जाती हैं तो इससे जनता का विश्वास प्रभावित होगा और
इस व्यवस्था के उद्देश्य पर भी सवाल उठेंगे।
ज्ञापन
में कहा गया कि नए आदेश से लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही कम हो जाएगी।
संगठन का आरोप है कि वर्षों से लंबित मामलों में जिम्मेदार अधिकारियों को संरक्षण मिलने
की आशंका है, जिससे मुख्यमंत्री विंडो की विश्वसनीयता प्रभावित होगी। प्रतिनिधिमंडल
ने मांग की कि विवादित आदेश तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए। साथ ही मुख्यमंत्री विंडो
पर लंबित सभी शिकायतों की जांच के लिए स्वतंत्र समीक्षा समिति गठित की जाए। संगठन ने
यह भी मांग रखी कि जिन अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही के कारण शिकायतें लंबे
समय तक लंबित रहीं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा
पैदा न हो।
ज्ञापन
सौंपने के दौरान शिवानी महलाना, प्रवीण चावला, बाबा राजेश नाथ, आनंद दहिया, सुशील,
दीपक जाहरी, अभिषेक, सतीश जांगड़ा, रमेश सोनीपत, मोनू, अक्षय, विष्णु, शंकर दहिया सहित
रक्षक सेना भारत और विभिन्न सामाजिक संगठनों के अनेक पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद
रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / नरेंद्र शर्मा परवाना

