सियासी मतभेदों के बीच हरियाणा-पंजाब विधानसभा अध्यक्षों की विधायी मुद्दों पर बनी सहमति

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सियासी मतभेदों के बीच हरियाणा-पंजाब विधानसभा अध्यक्षों की विधायी मुद्दों पर बनी सहमति


चंडीगढ़, 20 अगस्त (हि.स.)। हरियाणा और पंजाब के बीच भले ही राजनीतिक मुद्दों पर टकराव देखने को मिलता हो, लेकिन दोनों राज्यों के विधानसभा अध्यक्षों ने विधायी कार्यों और सदन की गरिमा के मुद्दे पर एकजुटता दिखाई। हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण और पंजाब विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवा ने गुरुवार को मुलाकात कर दोनों राज्यों से जुड़े विभिन्न विधायी विषयों और विधानसभा की कार्यप्रणाली पर चर्चा की।

गुरुवार को हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण और पंजाब विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवा से मुलाकात की। दोनों विस अध्यक्षों ने दोनों राज्यों से जुड़े विभिन्न विधायी विषयों, विधानसभा की कार्यप्रणाली, विधायी परंपराओं तथा सदन के संचालन से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से मंथन किया। दोनों अध्यक्षों ने लोकतांत्रिक संस्थाओं को और मजबूत बनाने तथा विधायी कार्यों को अधिक प्रभावी एवं परिणामदायी बनाने की दिशा में अनुभव साझा किए।

हरविंद्र कल्याण ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विधानसभाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। विधानसभा ऐसा मंच है, जहां जनप्रतिनिधि जनता से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाते हैं और सरकार की नीतियों एवं योजनाओं पर चर्चा के माध्यम से लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूती प्रदान करते हैं। बैठक में संसदीय मर्यादाओं का पालन, सदन की गरिमा बनाए रखने तथा विधायी कार्यों को अधिक व्यवस्थित एवं परिणामदायी बनाने से जुड़े विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ। दोनों अध्यक्षों ने इस बात पर जोर दिया कि विधायकों को सदन की कार्यवाही में प्रभावी ढंग से भागीदारी के अधिक अवसर मिलें, ताकि जनहित से जुड़े विषयों पर सार्थक चर्चा हो सके और लोकतांत्रिक व्यवस्था और मजबूत बने।

सदर की गरिमा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की दोहराई प्रतिबद्धता

मुलाकात के दौरान हरियाणा और पंजाब के बीच लंबे समय से चले आ रहे सामाजिक, सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक संबंधों भी चर्चा की गई। दोनों राज्यों की विधानसभाओं के बीच बेहतर संवाद, समन्वय और आपसी सहयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। इस दिशा में दोनों सदनों के अनुभवों को साझा करने और एक-दूसरे की अच्छी विधायी परंपराओं से सीख लेने को उपयोगी बताया गया। दोनों नेताओं ने लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक परंपराओं और सदन की गरिमा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की प्रतिबद्धता दोहराई।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

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