गुरुग्राम नगर निगम में लागू हाेगी प्रशासनिक क्लस्टर व जोन व्यवस्था
-बेहतर प्रशासन, त्वरित शिकायत निवारण और नागरिक सेवाओं की प्रभावी डिलीवरी के लिए निगम का बड़ा फैसला
गुरुग्राम, 12 जून (हि.स.)। नगर निगम गुरुग्राम ने शहर में प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए निगम क्षेत्र को नए प्रशासनिक ढांचे के तहत पुनर्गठित करने का निर्णय लिया है। निगमायुक्त प्रदीप दहिया द्वारा जारी आदेश के अनुसार नगर निगम गुरुग्राम को अब दो प्रशासनिक क्लस्टरों और कुल आठ जोनों में विभाजित किया गया है। यह नई व्यवस्था 15 जून 2026 से प्रभावी होगी।
नई व्यवस्था के तहत नगर निगम क्षेत्र को दो प्रशासनिक क्लस्टरों और आठ जोन में विभाजित किया गया है।
क्लस्टर-1 के जोन-1 में वार्ड 9, 10, 16 एवं 17, जोन-2 में वार्ड 11, 14, 15 एवं 18, जोन-3 में वार्ड 5, 6, 7, 33 एवं 34 तथा जोन-4 में वार्ड 8, 28, 29, 30 एवं 32 शामिल किए गए हैं। इसी प्रकार क्लस्टर-2 के जोन-5 में वार्ड 1, 2, 3, 4 एवं 36, जोन-6 में वार्ड 12, 13, 27, 31 एवं 35, जोन-7 में वार्ड 19, 20, 21 एवं 22 तथा जोन-8 में वार्ड 23, 24, 25 एवं 26 हैं। इस पुनर्गठन के माध्यम से प्रत्येक जोन में प्रशासनिक निगरानी और संसाधनों के बेहतर उपयोग को सुनिश्चित किया जाएगा। नगर निगम प्रशासन के अनुसार इस नई व्यवस्था का उद्देश्य विभिन्न शाखाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना, जन शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना, अधिकारियों की जवाबदेही बढ़ाना तथा नागरिक सेवा विवरण को और अधिक प्रभावी बनाना है। नए ढांचे से फील्ड स्तर पर निगरानी मजबूत होगी तथा विकास एवं स्वच्छता कार्यों के क्रियान्वयन में तेजी आएगी।
जिम्मेदारियों और अधिकारों का होगा स्पष्ट निर्धारण
आदेश के अनुसार नवगठित क्लस्टरों एवं जोनों के लिए प्रशासनिक नियंत्रण, पर्यवेक्षण व्यवस्था, रिपोर्टिंग प्रणाली, शाखाओं का आवंटन, अधिकारियों एवं कर्मचारियों की तैनाती तथा वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारों से संबंधित विस्तृत आदेश अलग से जारी किए जाएंगे।
तब तक सभी अधिकारी एवं कर्मचारी वर्तमान व्यवस्थाओं के अनुसार अपने दायित्वों का निर्वहन करते रहेंगे।
तैयार होंगे क्लस्टर एवं जोन सीमा मानचित्र
निगमायुक्त ने मुख्य नगर योजनाकार को निर्देश दिए हैं कि वे प्रशासनिक क्लस्टरों, जोनों तथा वार्ड सीमाओं के विस्तृत मानचित्र तैयार कर शीघ्र प्रस्तुत करें। अनुमोदन के बाद इन मानचित्रों को सभी शाखाओं एवं फील्ड कार्यालयों में प्रसारित किया जाएगा। नागरिकों की जानकारी के लिए निगम की वेबसाइट पर भी उपलब्ध कराया जाएगा। नगर निगम गुरुग्राम के आयुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि निगम क्षेत्र के तेजी से विस्तार और बढ़ती नागरिक अपेक्षाओं को देखते हुए प्रशासनिक पुनर्गठन आवश्यक हो गया था। नई क्लस्टर एवं जोन व्यवस्था से निर्णय प्रक्रिया में तेजी आएगी, फील्ड स्तर पर जवाबदेही बढ़ेगी तथा नागरिकों को अधिक कुशल, पारदर्शी और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर

