गुरुग्राम: ऑनलाइन गेमिंग और साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़, चार आरोपी गिरफ्तार

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गुरुग्राम: ऑनलाइन गेमिंग और साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़, चार आरोपी गिरफ्तार


गुरुग्राम में आलीशान सोसाइटी में चल रहा था सट्टा और साइबर फ्रॉड का खेल

गुरुग्राम, 29 मई (हि.स.)। दिल्ली-एनसीआर में ऑनलाइन गेमिंग और साइबर धोखाधड़ी करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का गुरुग्राम पुलिस ने शुक्रवार को पर्दाफाश किया है। साइबर थाना पुलिस ने सेक्टर-37डी स्थित सिग्नेचर ग्लोबल सोसाइटी के एक फ्लैट पर छापेमारी कर अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और ठगी के रैकेट का खुलासा किया। पुलिस ने मौके से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है जो मोबाइल एप और सोशल मीडिया के जरिए देशभर के लोगों को अपना शिकार बना रहे थे।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आदित्य निवासी चरखी दादरी, कपिल निवासी महेंद्रगढ़, सन्नी चाहर निवासी आगरा और सूरज राजपूत निवासी मथुरा के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि यह गिरोह कई राज्यों में फैले नेटवर्क के जरिए साइबर ठगी को अंजाम दे रहा था। आरोपी अपनी पहचान छिपाकर गुरुग्राम को नया बेस बनाकर काम कर रहे थे।

जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी Reddyanna888 नाम की एक गेमिंग वेबसाइट और मोबाइल ऐप के जरिए लोगों को ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी में मोटा मुनाफा कमाने का लालच देते थे। शुरुआत में लोगों को कुछ रकम जिताकर भरोसे में लिया जाता था, लेकिन बाद में बड़ी रकम लगाने पर उनका पैसा हड़प लिया जाता था।

पुलिस को सूचना मिली थी कि सोसाइटी के एक फ्लैट में संदिग्ध गतिविधियां चल रही हैं। इसके बाद एसीपी साइबर गौरव फोगाट की अगुवाई में विशेष टीम का गठन किया गया। देर रात की गई छापेमारी के दौरान पुलिस ने चारों आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान सोसाइटी में हड़कंप मच गया।

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्हें फर्जी बैंक खाते, चेकबुक, पासबुक, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड व्हाट्सएप के जरिए उनके मुख्य सरगनाओं से उपलब्ध कराए जाते थे। ठगी की रकम के लेनदेन के लिए फर्जी क्यूआर कोड का इस्तेमाल किया जाता था और पैसे तुरंत फर्जी खातों में ट्रांसफर कर दिए जाते थे। इस नेटवर्क में शामिल चारों आरोपियों को प्रत्येक ट्रांजैक्शन पर करीब 20 प्रतिशत कमीशन मिलता था।

पुलिस ने मौके से 14 स्मार्टफोन, 5 एटीएम कार्ड, कई फर्जी सिम कार्ड और पासबुक बरामद की हैं। एसीपी गौरव फोगाट ने बताया कि आरोपियों के बैंक खातों की जांच की जा रही है, ताकि अब तक हुए करोड़ों रुपये के लेनदेन का पता लगाया जा सके। साथ ही इस गिरोह के मुख्य सरगनाओं और बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले नेटवर्क की तलाश जारी है।

हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर

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