कैथल: रिश्वत के दोषी जिला पार्षद व प्रतिनिधि को सात-सात साल की सजा

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कैथल, 05 फ़रवरी (हि.स.)। जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला अदालत ने चर्चित रिश्वतखोरी मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने जिला पार्षद विक्रमजीत और एक अन्य पार्षद प्रतिनिधि भारत ढुल को दोषी करार देते हुए दोनों को सात-सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही पार्षद विक्रमजीत पर एक लाख रुपये और भारत ढुल पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

जुर्माना नहीं देने की स्थिति में दोनों को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

यह फैसला अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नंदिता कौशिक की अदालत ने गुरुवार को सुनाया। कोर्ट ने अपने निर्णय में कहा कि जनप्रतिनिधियों द्वारा रिश्वत लेना जनता के विश्वास के साथ सीधा धोखा है और ऐसे मामलों में सख्त सजा जरूरी है। इस केस की पैरवी एडीए कुलदीप गर्ग ने की।

इस मामले में हिसार के राजथल निवासी ठेकेदार बिजेंद्र चहल ने एंटी करप्शन ब्यूरो अंबाला को शिकायत दी थी। उसने बताया था कि उसने जिला परिषद की मार्फत कैथल के विभिन्न गांवों में वाटर टैंकर और वाटर कूलर रखने का ठेका ले रखा है। इस काम के 30 लाख रुपये के बिल अटके हुए हैं। शिकायत के अनुसार वार्ड नंबर 11 के जिला पार्षद विक्रमजीत कश्यप और वार्ड नंबर तीन की पार्षद के पति भारत ढुल हरसौला ने कहा कि वह बिल पास करवा देंगे, लेकिन इसके लिए कुल राशि का 10 प्रतिशत लेंगे। ठेकेदार ने हामी भर ली।

तीन किश्तों में यह राशि देने की बात तय हुई थी। रिश्वत की राशि की पहली किश्त 18 जनवरी 2024 काे एक लाख रुपये कैथल-करनाल रोड पर नेशनल हाईवे-152 के फ्लाईओवर के नीचे लेन-देन तय हुआ। जैसे ही बिजेंद्र ने दोनों को पैसे दिए, उसका इशारा मिलते ही एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने पार्षद विक्रमजीत कश्यप और पार्षद प्रतिनिधि भारत हरसौला को उनकी कार में रिश्वत की राशि के साथ पकड़ लिया। दाेनाें से 50-50 हजार रुपये बरामद हुए थे।

अब अदालत ने पार्षद विक्रमजीत को सात साल की सजा के साथ एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना न देने पर उसे छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। वहीं, पार्षद प्रतिनिधि भारत ढुल को सात साल की सजा और 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने पर उसे छह महीने की अतिरिक्त कारावास होगी। विक्रमजीत काे पहले ही पार्षद पद से हटाया जा चुका है।

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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे

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