कैथल: रिश्वत के आराेपाें से बरी हुए तत्कालीन एसएचओ जयवीर शर्मा व सहयोगी

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कैथल: रिश्वत के आराेपाें से बरी हुए तत्कालीन एसएचओ जयवीर शर्मा व सहयोगी


कैथल, 16 मार्च (हि.स.)। फरवरी 2022 में पांच हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किए गए चीका थाना के तत्कालीन एसएचओ इंस्पेक्टर जयवीर शर्मा और उनके एक सहयोगी को जिला एवं सत्र न्यायालय ने बरी कर दिया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश नंदिता कौशिक की अदालत ने साेमवार काे मामले की सुनवाई के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) द्वारा पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत न किए जाने पर दोनों आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त घोषित किया।

अदालत में पेश किए गए एसीबी के चालान में आरोप लगाया गया था कि एसएचओ जयवीर शर्मा ने रिश्वत के तौर पर लिए गए पांच हजार रुपये अपने सहयोगी को दे दिए थे। आरोप था कि सहयोगी पैसे लेकर मौके से भाग गया और बाद में भाखड़ा नहर के पास जाकर उन नोटों को जला दिया। हालांकि सुनवाई के दौरान एसीबी उस स्थान का कोई नक्शा या अन्य ठोस प्रमाण अदालत में पेश नहीं कर सकी। इसके अलावा कथित रूप से जलाए गए नोटों की राख या अन्य कोई भौतिक सबूत भी बरामद नहीं हो पाया।

मामले की सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि एसीबी द्वारा चीका थाना में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज पेश करने का दावा किया गया था, लेकिन अदालत में वह फुटेज चलाई नहीं जा सकी। शिकायतकर्ता चांद राम ने आरोप लगाया था कि उसके खिलाफ थाने में आई शिकायत के निपटारे के बदले एसएचओ ने रिश्वत मांगी थी, लेकिन जांच के दौरान एसीबी को थाने के रिकॉर्ड में ऐसी कोई शिकायत ही नहीं मिली।

इसके अलावा जिस मोबाइल फोन में रिश्वत मांगने की रिकॉर्डिंग होने का दावा किया गया था, जांच एजेंसी वह मोबाइल भी बरामद नहीं कर सकी। बचाव पक्ष के वकील जनक राज ने बताया कि अदालत के इस फैसले के बाद यदि इंस्पेक्टर जयवीर चाहें तो वह शिकायतकर्ता और एसीबी अधिकारियों के खिलाफ हर्जाने का दावा भी कर सकते हैं। गौरतलब है कि दाे फरवरी 2022 को हरियाणा स्टेट एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने रिश्वत की शिकायत मिलने पर चीका थाना में छापा मारा था। आरोप था कि एसएचओ जयवीर शर्मा ने चीका के पूर्व पार्षद प्रतिनिधि चांद राम से उसके खिलाफ आई शिकायत के निपटारे के बदले पांच हजार रुपये की मांग की थी।

छापेमारी के दौरान जयवीर शर्मा के हाथों पर केमिकल का रंग तो मिला था, लेकिन कथित रिश्वत की रकम बरामद नहीं हो सकी थी। इसके बावजूद एसीबी ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था और तीन बार रिमांड पर भी लिया, लेकिन जांच में कोई ठोस सबूत सामने नहीं आ सके। जयवीर शर्मा काे कुछ समय हिरासत में भी बिताना पड़ा था। अब अदालत ने सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद दोनों आरोपियों को बरी कर दिया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे

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