कैथल : मेडिकल स्टोरों पर चेकिंग करने व जर्जर भवनों को गिराने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश

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कैथल : मेडिकल स्टोरों पर चेकिंग करने व जर्जर भवनों को गिराने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश


कैथल, 13 मार्च (हि.स.)। जिले में नशे की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण के लिए प्रशासन ने सख्ती बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। लघु सचिवालय में एडीसी डॉ. सुशील कुमार की अध्यक्षता में नार्को को-ऑर्डिनेशन सेंटर (एनकॉर्ड) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें पुलिस, स्वास्थ्य, खेल व अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में नशा मुक्ति, प्रवर्तन और जन-जागरूकता से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा करते हुए ‘स्टेट एक्शन प्लान’ के तहत सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए गए।

बैठक में एडीसी डॉ. सुशील कुमार ने शुक्रवार काे कहा कि सुरक्षा की दृष्टि से जर्जर और कंडम घोषित सरकारी भवनों को जल्द से जल्द ध्वस्त किया जाए। उन्होंने खेल विभाग और पंचायत विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे खाली और जर्जर ढांचे अक्सर नशेड़ियों के ठिकाने बन जाते हैं, इसलिए इन असुरक्षित भवनों को गिराने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। उन्होंने खेल विभाग को निर्देश दिए कि खिलाड़ियों पर विशेष निगरानी रखी जाए ताकि वे इंजेक्शन या स्टेरॉयड जैसे प्रतिबंधित पदार्थों का उपयोग न करें। इसके साथ ही अप्रैल महीने में ब्लॉक स्तर पर 16 से 20 वर्ष आयु वर्ग के खिलाड़ियों के लिए विशेष जागरूकता सेमिनार आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक के दौरान नशा मुक्ति केंद्रों के संचालन और रिकॉर्ड प्रबंधन की भी समीक्षा की गई। एडीसी ने निर्देश दिए कि नशा मुक्ति केंद्रों और मनोवैज्ञानिक ओपीडी में आने वाले सभी मरीजों का पूरा रिकॉर्ड रखा जाए। बाहरी राज्यों, विशेषकर पंजाब से आने वाले मरीजों और बीच में इलाज छोड़कर जाने वाले व्यक्तियों का भी पूरा विवरण दर्ज किया जाए। साथ ही मार्च के अंत में इन केंद्रों का दोबारा औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए।

डीएसपी कुलदीप बेनीवाल ने बैठक में बताया कि नशीली दवाओं की कथित अवैध बिक्री पर रोक लगाने के लिए हाल ही में गुहला-चीका क्षेत्र में विशेष जांच अभियान चलाया गया था। इस दौरान अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल और कैथल के ड्रग कंट्रोल अधिकारियों की संयुक्त टीमों ने 47 मेडिकल स्टोर्स की जांच की। जांच के दौरान अवैध ड्रग तो नहीं मिली, लेकिन अनियमितताएं पाए जाने पर दो मेडिकल स्टोर्स को मौके पर ही सील कर दिया गया।

एडीसी ने निर्देश दिए कि नशा छोड़ चुके लोगों की प्रेरणादायक कहानियों को समाज के सामने लाकर जागरूकता बढ़ाई जाए। गांवों में जागरूकता के लिए सरपंचों का सहयोग लिया जाए और ब्लॉक स्तर पर सरपंचों व पुलिस विभाग की संयुक्त बैठकें आयोजित कर ग्रामीण क्षेत्रों में नशे की सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए प्रभावी रणनीति तैयार की जाए। बैठक में डीएसपी कुलदीप बेनीवाल, सिविल सर्जन डॉ. रेनू चावला, डीडीपीओ ऋतु लाठर सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे

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