कैथल: भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में किसानों का प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन

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कैथल: भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में किसानों का प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन


कैथल, 30 अप्रैल (हि.स.)।

भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) की जिलास्तरीय बैठक गुरुवार को जिला अध्यक्ष गुरनाम सिंह फरल की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया और भारत-अमेरिका प्रस्तावित ट्रेड डील के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।

बैठक के बाद युवा प्रदेश अध्यक्ष विक्रम कसाना एडवोकेट, प्रदेश उपाध्यक्ष महावीर चहल नरड और चमकौर सिंह चीका के नेतृत्व में किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके पश्चात किसानों ने प्रस्तावित ट्रेड डील को रद्द करने की मांग को लेकर जिला प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। कार्यक्रम का संचालन युवा जिलाध्यक्ष विक्रम दुसैण और नरेंद्र मागो माजरी ने किया।

किसानों को संबोधित करते हुए विक्रम कसाना ने कहा कि अमेरिका के साथ प्रस्तावित ट्रेड डील देश के किसानों और खेत मजदूरों पर सीधा प्रहार है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस डील के तहत अमेरिकी कृषि उत्पादों को जीरो कस्टम ड्यूटी पर भारतीय बाजार में प्रवेश मिल सकता है, जिससे भारतीय किसानों की आजीविका पर गंभीर असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 में अमेरिका का भारत के साथ कृषि व्यापार घाटा 1.3 बिलियन डॉलर रहा, और यह डील अमेरिकी किसानों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से तैयार की जा रही है।

उन्होंने तीन कृषि कानूनों का जिक्र करते हुए कहा कि पहले खेती को कॉर्पोरेट के हवाले करने की कोशिश की गई थी और अब विदेशी उत्पादों को बढ़ावा देकर किसानों को कमजोर किया जा रहा है। इसे किसानों के साथ विश्वासघात बताया गया।

जिला अध्यक्ष गुरनाम फरल और प्रदेश उपाध्यक्ष महावीर चहल नरड ने कहा कि संगठन लंबे समय से किसानों और मजदूरों के मुद्दों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका फ्री ट्रेड डील के संभावित दुष्प्रभावों के खिलाफ आंदोलन जारी रहेगा।

प्रदेश उपाध्यक्ष चमकौर सिंह चीका ने मांग की कि सभी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी दी जाए, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके। उन्होंने दावा किया कि एमएसपी न मिलने के कारण किसानों को हर साल भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। इसके अलावा उन्होंने किसानों की संपूर्ण कर्ज माफी, बीज बिल और बिजली बिल को रद्द करने की भी मांग उठाई।

किसानों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस दौरान सुभाष भागल, केवल सिंह सिद्ध, रणधीर बरसाना, पिरथी कौल, भीम खनौदा सहित सैकड़ों किसान मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे

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