कैथल: नारी शक्ति वंदन अधिनियम से पंचायत से संसद तक बढ़ेगा महिलाओं का दायरा: रेणु भाटिया
कैथल, 15 अप्रैल (हि.स.)।
हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेणु भाटिया ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा महिलाओं के सशक्तीकरण की दिशा में लिया गया एक सराहनीय और ऐतिहासिक फैसला है। इस कानून से महिलाओं का दायरा पंचायत से लेकर संसद तक बढ़ेगा और उन्हें निर्णय प्रक्रिया में मजबूत भागीदारी का अवसर मिलेगा।
बुधवार को लोक निर्माण विभाग के रेस्ट हाउस में पत्रकाराें से बातचीत में उन्होंने कहा कि इस अधिनियम के लागू होने से लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। इससे महिलाएं न केवल राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाएंगी, बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी अपनी अहम भागीदारी सुनिश्चित करेंगी।
उन्होंने कहा कि महिलाओं में परिवार और समाज को जोड़ने की अद्भुत क्षमता होती है, जिसका उपयोग अब वे राजनीति और नीति निर्माण में प्रभावी ढंग से कर सकेंगी। यह कानून महिला सशक्तिकरण के एक नए युग की शुरुआत करेगा और लोकतंत्र को अधिक समावेशी बनाएगा।
रेणु भाटिया ने आगे कहा कि नारी का सम्मान ही देश का स्वाभिमान है और यह अधिनियम महिलाओं को और ऊंचा स्थान प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि यह कदम विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में भी सहायक सिद्ध होगा।
रेणु भाटिया ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को पत्र लिखकर सोशल मीडिया, रील्स और गानों पर निगरानी के लिए विशेष तंत्र बनाने की सिफारिश की है। उन्होंने सुझाव दिया कि फिल्मों की तरह डिजिटल कंटेंट के लिए भी सेंसरशिप व्यवस्था लागू की जाए और राज्य स्तर पर एक कमेटी गठित की जाए, जो आपत्तिजनक सामग्री पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करे। उन्होंने संगीत जगत से जुड़े लोगों से भी अपील की कि वे अपनी रचनाओं में महिलाओं के सम्मान का विशेष ध्यान रखें, अन्यथा महिला आयोग सख्त कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे

