आर्मी लेफ्टिनेंट बनने वाली शीतल मेहलान का सोनीपत में हुआ स्वागत

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आर्मी लेफ्टिनेंट बनने वाली शीतल मेहलान का सोनीपत में हुआ स्वागत


सोनीपत, 15 जून (हि.स.)। सोनीपत

की बेटी शीतल मेहलान ने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) से प्रशिक्षण प्राप्त कर आर्मी

में लेफ्टिनेंट बनकर जिले का नाम रोशन किया है। वर्ष 2022 में जब पहली बार लड़कियों

के लिए एनडीए में प्रवेश का अवसर मिला, तब देशभर से केवल 19 बेटियों का चयन हुआ था।

इनमें सोनीपत की शीतल मेहलान भी शामिल थीं। अब चार वर्ष का सैन्य प्रशिक्षण पूरा करने

के बाद वह लेफ्टिनेंट बनी हैं।

शीतल

ने महाराष्ट्र के खड़कवासला स्थित एनडीए में तीन वर्ष तथा देहरादून स्थित भारतीय सैन्य

अकादमी में एक वर्ष का प्रशिक्षण प्राप्त किया। लेफ्टिनेंट बनने के बाद जब वह पहली

बार सोनीपत पहुंचीं तो लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। शीतल की सफलता के पीछे

उनके पिता का वह सपना था, जो परिस्थितियों के कारण पूरा नहीं हो सका था। दसवीं कक्षा

के दौरान शीतल को इस सपने की जानकारी मिली और उन्होंने इसे अपना लक्ष्य बना लिया।

बारहवीं

के बाद उन्होंने एनडीए की परीक्षा दी और वर्ष 2022 में पूरे देश में नौवां स्थान हासिल

किया। खास बात यह रही कि उन्होंने बिना किसी कोचिंग के पहले ही प्रयास में यह सफलता

प्राप्त की। एनडीए में चयनित 19 लड़कियों में से 10 ने आर्मी, छह ने वायुसेना और तीन

ने नौसेना को चुना था।

शीतल ने आर्मी का चयन किया और अब अधिकारी बनकर देश सेवा के मार्ग

पर आगे बढ़ रही हैं। परिजनों

के अनुसार शीतल परिवार की पहली आर्मी अधिकारी हैं। उनकी उपलब्धि परिवार ही नहीं, पूरे

जिले के लिए गर्व का विषय है। उनकी माता ने बताया कि शीतल बचपन से ही पढ़ाई में उत्कृष्ट

रही हैं। उन्होंने दसवीं और बारहवीं दोनों कक्षाओं में 97 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त

किए। पढ़ाई के साथ-साथ वह सांस्कृतिक और अन्य गतिविधियों में भी सक्रिय रहीं।

शीतल

के शिक्षकों का कहना है कि वह शुरू से ही मेहनती, अनुशासित और लक्ष्य के प्रति समर्पित

छात्रा रही हैं। उनकी सफलता आज की बेटियों के लिए प्रेरणा है। शीतल ने साबित किया है

कि दृढ़ संकल्प, परिश्रम और आत्मविश्वास के बल पर कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता

है। उनकी उपलब्धि से जिले की अनेक बेटियों को आगे बढ़ने की नई प्रेरणा मिली है।

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हिन्दुस्थान समाचार / नरेंद्र शर्मा परवाना

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