बजट में परिवहन विभाग के लिए 12,613 करोड़ रुपये आवंटित, हरित और जाम-मुक्त परिवहन प्रणाली के निर्माण पर जोर
नई दिल्ली, 24 मार्च (हि.स.)। दिल्ली के परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि बजट में परिवहन विभाग के लिए 12,613 करोड़ का प्रावधान एक हरित और जाम-मुक्त परिवहन प्रणाली के निर्माण की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
मंत्री ने कहा कि दिल्ली में वर्तमान में 4,300 से अधिक इलेक्ट्रिक बसें संचालित हो रही हैं, जो देश में सर्वाधिक हैं। पीएम ई अभियान पहल के तहत चरणबद्ध तरीके से 6,130 अतिरिक्त इलेक्ट्रिक बसें जोड़ी जाएंगी। सरकार का लक्ष्य मार्च 2027 तक कुल 7,500 बसों का बेड़ा तैयार करना है, जिसमें 5,800 इलेक्ट्रिक बसें शामिल होंगी, तथा 2029 तक लगभग 12,000 बसों का 100% इलेक्ट्रिक बेड़ा तैयार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि डीएमआरसी के फेज-IV और फेज-V परियोजनाओं के लिए 2,885 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे मेट्रो नेटवर्क का विस्तार सुनिश्चित होगा। इसके अतिरिक्त दिल्ली-एसएनबी और दिल्ली-पानीपत कॉरिडोर सहित नमो भारत (आरआरटीएस) परियोजनाओं के लिए 568 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
मंत्री ने आगे कहा कि आगामी दिल्ली इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2.0 के लिए 200 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे प्रोत्साहन और अधोसंरचना विकास के माध्यम से ईवी अपनाने को बढ़ावा मिलेगा। पूर्व वर्षों की 24 करोड़ रुपये की लंबित सब्सिडी भी जारी कर दी गई है। सरकार की हरित दृष्टि—जिसमें कुल बजट का लगभग 21 फीसद ग्रीन पहल के लिए निर्धारित है—के अनुरूप, बवाना, गाजीपुर, सावदा घेवड़ा, जीटी करनाल रोड और दिचाऊं कलां सहित विभिन्न स्थानों पर पांच नए ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) स्थापित करने के लिए 50 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे 6.5 लाख से अधिक वाणिज्यिक वाहनों से संबंधित लंबित समस्याओं का समाधान होगा।
उन्होंने बताया कि अंतिम मील कनेक्टिविटी और विद्युतीकरण को बढ़ावा देने के लिए बस डिपो, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य पूंजीगत कार्यों हेतु 320 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त फ्लाईओवर, एलिवेटेड कॉरिडोर और प्रस्तावित समानांतर रिंग रोड जैसे डी-कंजेशन प्रोजेक्ट्स के लिए व्यवहार्यता अध्ययन हेतु 10 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव

