फ्लेक्स/विनाइल/पीवीसी पर डिजिटल प्रिंटिंग को हरित श्रेणी में शामिल किया गया : सिरसा

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फ्लेक्स/विनाइल/पीवीसी पर डिजिटल प्रिंटिंग को हरित श्रेणी में शामिल किया गया : सिरसा


नई दिल्ली, 19 मार्च (हि.स.)। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के दिशा-निर्देशों के अनुसार “फ्लेक्स, विनाइल, पीवीसी पर डिजिटल प्रिंटिंग” को दिल्ली सरकार ने हरित श्रेणी में शामिल कर लिया है।

दिल्ली के पर्यावरण और उद्योग मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि पिछले साल हमने ग्रीन कैटेगरी इंडस्ट्री के लिए संचालन की अनुमति (सीटीओ) टाइमलाइन कम की थी। अब यह नया कदम ईज ऑफ़ डूइंग बिजनेस को और मजबूत करेगा। दिल्ली के प्रिंटिंग सेक्टर के जुड़े लाखों उद्यमियों के लिए यह बहुत फायदेमंद है। सीपीसीबी के दिशा-निर्देशों के अनुसार दिल्ली सरकार उद्योगों को जिम्मेदारी के साथ बढ़ावा दे रही है, साथ ही प्रदूषण के खिलाफ अपनी लड़ाई को मजबूत कर रही है।

सिरसा ने कहा कि हमारी सरकार ने शुरू से ही बैलेंस्ड और डेटा-बेस्ड अप्रोच अपनाई है। हमने कम प्रदूषण करने वाली इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए कैटेगरी को रैशनलाइज किया है। अब डिजिटल प्रिंटिंग भी ग्रीन कैटेगरी में शामिल हो गई है। इसके साथ 125 से ज्यादा सेक्टर जैसे अपैरल, एल्यूमिनियम प्रोडक्ट्स, आयुर्वेदिक यूनिट्स, फर्नीचर, पैकेजिंग, ऑप्टिकल गुड्स, टॉयज और कोल्ड स्टोरेज पहले से ही इसमें शामिल हैं। इन सेक्टरों में ज्यादातर एमएसएमई हैं, जिन्हें इन सुधारों से सीधा फायदा मिलेगा। ग्रीन कैटेगरी इंडस्ट्री को अब सीटीओ की मंजूरी तेजी से मिलेगी।

मंत्री ने कहा कि पिछले साल 120 दिन की समय सीमा को घटाकर 20 दिन किया गया था। अब अगर तय समय में फैसला नहीं आता, तो मंजूरी अपने आप मिल जाएगी, जिससे अतिरिक्त कागजी प्रक्रिया खत्म होगी। यह बताना जरूरी है कि दिल्ली में इस तरह के सुधार कई दशकों बाद देखने को मिल रहे हैं। हमारा लक्ष्य पुराने लाइसेंस राज की देरी को खत्म करना और छोटे बिजनेस के लिए भरोसे पर आधारित सिस्टम बनाना है।

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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव

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