पीडब्ल्यूडी मंत्री ने पुनर्स्थापित वर्षा जल संचयन प्रणाली का किया निरीक्षण, बोले- बारिश की हर बूंद का संरक्षण जरूरी
नई दिल्ली, 16 जुलाई (हि.स.)। दिल्ली के लोक निर्माण (पीडब्ल्यूडी) एवं जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने गुरुवार को त्यागराज स्टेडियम में पुनर्स्थापित वर्षा जल संचयन प्रणाली का निरीक्षण किया और पूरे शहर में चल रहे अभियान की प्रगति की समीक्षा की।
मंत्री ने निरीक्षण के बाद कहा कि दिल्ली में लगातार गिरते भूजल स्तर को रोकने के लिए वर्षा की प्रत्येक बूंद का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश को ‘कैच द रेन’ का मंत्र दिया है। वर्षा जल संचयन के माध्यम से बारिश का पानी जमीन में समाहित होकर भूजल स्तर को बढ़ाता है, जिससे पूरे वर्ष जल उपलब्धता सुनिश्चित होती है। आज भूजल का दोहन उसकी पुनर्भरण क्षमता से अधिक हो रहा है, जिसके कारण बोरवेल सूख रहे हैं। दिल्ली सरकार ने प्रधानमंत्री के इस विजन को मिशन के रूप में अपनाया है और प्रत्येक सरकारी संस्थान को जल संरक्षण का मॉडल बनाने की दिशा में कार्य कर रही है।
मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने बताया कि दिल्ली सरकार ने विभिन्न सरकारी कार्यालयों, विद्यालयों, अस्पतालों, स्टेडियमों तथा अन्य सार्वजनिक संस्थानों में 1,000 मौजूदा वर्षा जल संचयन प्रणालियों के पुनर्स्थापन तथा 500 नई वर्षा जल संचयन संरचनाओं के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने बताया कि इस दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। अब तक लगभग 400 मौजूदा वर्षा जल संचयन प्रणालियों का पुनर्स्थापन पूरा किया जा चुका है, जबकि 400 से अधिक अन्य प्रणालियों पर कार्य प्रगति पर है। इस प्रकार पुनर्स्थापन से संबंधित 800 से अधिक परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं या निर्माणाधीन हैं।
उन्होंने बताया कि इसी प्रकार 500 नई वर्षा जल संचयन संरचनाओं के लक्ष्य के विरुद्ध लगभग 100 संरचनाओं का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि 250 से अधिक नई संरचनाओं पर कार्य जारी है और विभिन्न विभागों में कुल 750 से अधिक नई एवं पुनर्स्थापित परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं या प्रगति पर हैं।
इसके अतिरिक्त, दिल्ली जल बोर्ड ने भी स्वतंत्र रूप से 611 मौजूदा वर्षा जल संचयन प्रणालियों के पुनर्स्थापन का कार्य शुरू किया है, जिनमें से 330 कार्य पूरे हो चुके हैं, 120 पर कार्य जारी है, जबकि शेष परियोजनाओं पर चरणबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है।
मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि दिल्ली जल बोर्ड और लोक निर्माण विभाग की संयुक्त टीमें विभिन्न सरकारी परिसरों का निरीक्षण कर रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार नए बोरवेल की अनुमति को वर्षा जल संचयन प्रणाली से अनिवार्य रूप से जोड़ने के प्रस्ताव पर भी विचार कर रही है, ताकि जितना भूजल निकाला जाए, उतना ही उसका पुनर्भरण भी सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने कहा कि हर पुनर्स्थापित वर्षा जल संचयन प्रणाली और हर नई संरचना दिल्ली की जल सुरक्षा को मजबूत करती है। यह केवल एक बुनियादी ढांचा परियोजना नहीं, बल्कि हमारी आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य में किया गया एक महत्वपूर्ण निवेश है।”
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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव

