एच1एन1 और डेंगू की रोकथाम को लेकर जागरूकता कार्यशाला का आयोजन

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एच1एन1 और डेंगू की रोकथाम को लेकर जागरूकता कार्यशाला का आयोजन


एच1एन1 और डेंगू की रोकथाम को लेकर जागरूकता कार्यशाला का आयोजन


नई दिल्ली, 07 सितंबर (हि.स.)। दिल्ली सरकार ने सोमवार को दिल्ली सचिवालय में मौसमी इन्फ्लुएंजा (एच1एन1) और डेंगू को लेकर जन-प्रतिनिधियों के लिए एक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया। इसमें विधायकों, पार्षदों और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को एक साथ लाकर मौसमी बीमारियों से निपटने और उनकी रोकथाम के लिए जमीनी स्तर पर तैयारियों को और अधिक मजबूत करना और समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करना था।

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य जन-प्रतिनिधियों को एच1एन1 और डेंगू के लक्षणों, रोकथाम, समय रहते पहचान और उपचार के बारे में व्यावहारिक जानकारी देना है। साथ ही उन्हें अपने-अपने क्षेत्र में स्वास्थ्य संबंधी सही जानकारी पहुंचाने और रोकथाम के उपायों के लिए नागरिकों को एकजुट करने में उनकी भूमिका पर भी विशेष जोर दिया गया।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि बीमारी की रोकथाम को केवल अस्पतालों और स्वास्थ्य कर्मियों तक सीमित नहीं रखा जा सकता है, इसके लिए समुदाय स्तर पर भी सक्रिय भागीदारी की जरूरत है। उन्होंने माननीय विधायकों और पार्षदों से स्वास्थ्य विभाग और फील्ड टीमों के साथ मिलकर काम करने का आग्रह किया, ताकि स्वास्थ्य संबंधी संदेश राजधानी के हर वार्ड, मोहल्ले और हर घर तक प्रभावी तरीके से पहुंच सकें।

स्वास्थ्य मंत्री ने एच1एन1 को लेकर बेवजह डरने के प्रति भी दिल्ली वासियों को आगाह करते हुए इस बात पर जोर दिया कि हर बुखार को एच1एन1 और डेंगू से नहीं जोड़ना चाहिए। आम वायरल संक्रमण से भी बुखार, खांसी और सर्दी-जुकाम हो सकता है। इसलिए नागरिकों को घबराने और खुद से बीमारी का अंदाज़ा लगाने (सेल्फ़-डायग्नोसिस) से बचना चाहिए और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मौसमी इन्फ़्लूएंज़ा, इन्फ़्लूएंज़ा वायरस से होने वाला सांस का संक्रमण है। यह हर उम्र के लोगों को प्रभावित कर सकता है, लेकिन बच्चों, बुज़ुर्गों और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे (कॉमोरबिडिटी) वाले लोगों पर विशेष ध्यान देने की ज़रूरत होती है।

डेंगू को लेकर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने विशेष रूप से मॉनसून और मॉनसून के बाद के समय में मच्छरों के पनपने की जगहों को खत्म करने के लिए लगातार कार्रवाई करने का आह्वान किया। डेंगू फैलाने वाला एडीज मच्छर रुके हुए पानी की थोड़ी सी मात्रा में जमा हुए पानी में भी पनप सकते हैं। इसलिए कूलर, गमले, छतों पर रखे बर्तन, पानी की टंकियां, बेकार पड़े सामान, टायर और ऐसी ही अन्य चीजें मच्छरों के पनपने की संभावित जगहें बन जाती हैं।

उन्होंने जन-प्रतिनिधियों से अपील की कि वे अपने-अपने इलाके में लोगों को अपने आस-पास नियमित रूप से जांच कराने, पानी की टंकियों और बर्तनों को ढंककर रखने, पानी जमा करने वाले बर्तनों को हफ़्ते में कम से कम एक बार खाली करके साफ करने और ऐसी बेकार चीज़ों के साथ कचरे को हटाने के लिए प्रोत्साहित करें, जिनमें पानी जमा हो सकता है। उन्होंने जन-प्रतिनिधियों से यह भी आग्रह किया कि वे स्थानीय स्तर पर बचाव के प्रयासों में आरडब्ल्यूए, स्कूलों, मार्केट एसोसिएशन, कम्युनिटी संगठनों और सफाई टीमों को भी शामिल करें और कंस्ट्रक्शन साइट, ड्रेनेज, कचरे और पानी से जुड़ी जानकारी तुरंत जानकारी संबंधित विभाग को दें।

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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव

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