बंगाली भाषा की कोमलता और संस्कृत की गंभीरता का संगम है वंदे मातरम : प्रो. योगेश सिंह

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बंगाली भाषा की कोमलता और संस्कृत की गंभीरता का संगम है वंदे मातरम : प्रो. योगेश सिंह


नई दिल्ली, 15 जनवरी (हि.स.)। दिल्ली विश्वविद्यालय के कमला नेहरू कॉलेज में ‘वंदे मातरम्’ की रचना के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में गुरुवार को एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने कहा कि वंदे मातरम, भले ही बांग्ला में लिखा गया हो, इसमें बंगाली भाषा की कोमलता और संस्कृत की गंभीरता का संगम है।

कुलपति ने वंदे मातरम के 150 वर्षों का इतिहास याद कराते हुए सांस्कृतिक और संस्थागत स्मृति को बनाए रखने का महत्व बताया। उन्होंने छात्राओं से विश्वविद्यालय का कुलगीत याद करने और इसके मूल्यों को बनाए रखने का आग्रह किया।

प्रो. योगेश सिंह ने राष्ट्रीय चेतना और आर्थिक प्रगति को जोड़ते हुए कहा कि भारत ने 2007 की एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था से आज चार ट्रिलियन डॉलर की दिशा में तेजी से बढ़ने का मार्ग तय किया है और इस प्रगति को 2047 के बाद बनाए रखना युवाओं की ज़िम्मेदारी होगी।

कार्यक्रम के दौरान कुलपति ने स्वदेशी संकल्प की शपथ भी दिलाई, जिसके माध्यम से राष्ट्रीय मूल्यों, आत्मनिर्भरता और जिम्मेदार नागरिकता के प्रति साझा संकल्प को दोहराया गया।

इस दौरान कुलपति के सुझाव पर कॉलेज की फिल्म सोसायटी ‘वाइड एंगल’ ने फिल्म ‘आनंद मठ’ की स्क्रीनिंग कराई, जिसमें छात्राओं ने इतिहास और देशभक्ति की भावना को करीब से महसूस किया।

कालेज की प्राचार्या प्रो. पवित्रा भारद्वाज ने अपने संबोधन में कुलपति के विश्वविद्यालय के विकास में पारदर्शी शासन, प्रशासनिक सुदृढ़ता और प्रभावी निर्णय लेने के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम के 150 वर्ष की स्मृति कार्यक्रम केवल औपचारिक आयोजन नहीं है बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत का प्रतिबिंब है। उन्होंने बंकिम चंद्र चटर्जी के अमूल्य योगदान को याद करते हुए कहा कि कमला नेहरू कॉलेज, जो 1964 में महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के उद्देश्य से स्थापित हुआ था, वंदे मातरम की वैचारिक भावना के साथ गहराई से जुड़ा है। यह दोनों ही सांस्कृतिक जुड़ाव, समावेशी राष्ट्रवाद और नागरिक जिम्मेदारी के मूल्यों को साझा करते हैं।

इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में डीन, कॉलेजेज़ प्रो. बलराम पाणी, रजिस्ट्रार डॉ. विकास गुप्ता तथा कमला नेहरू कॉलेज की गवर्निंग बॉडी के अध्यक्ष प्रो. मनोज प्रसाद उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी

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