(अपडेट) यमुना में नहाने गए चार किशोर तेज बहाव में डूबे, एक दोस्त की चीख-पुकार के बाद शुरू हुआ सर्च ऑपरेशन

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नई दिल्ली, 13 जुलाई (हि.स.)। राजधानी में रविवार शाम एक दर्दनाक हादसे ने चार परिवारों की खुशियां छीन लीं। अलीपुर थाना क्षेत्र के हिरनकी गांव के पास यमुना नदी में नहाने गए चार किशोर तेज बहाव की चपेट में आकर लापता हो गए। उनके साथ मौजूद पांचवें किशोर की चीख-पुकार सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे लोग मौके पर पहुंचे और बचाव का प्रयास किया, लेकिन तब तक चारों किशोर नदी की तेज धारा में समा चुके थे। सूचना मिलते ही पुलिस, एनडीआरएफ, डीडीएमए, दमकल विभाग और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और देर रात तक सर्च ऑपरेशन जारी रहा।

पुलिस के अनुसार, 12 जुलाई की शाम करीब 7:46 बजे अलीपुर थाने में पीसीआर कॉल के माध्यम से सूचना मिली कि गांव हिरनकी स्थित यमुना नदी के ठोकर नंबर-24 पर कुछ बच्चे डूब गए हैं। सूचना मिलते ही डीडी नंबर-65ए पर एसआई प्रियंका पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचीं।

प्रारंभिक जांच में पता चला कि करीब 14 से 15 वर्ष आयु के पांच किशोर यमुना नदी में नहाने के लिए गए थे। नहाते समय चार किशोर अचानक नदी के तेज बहाव में फंस गए और देखते ही देखते लापता हो गए। उनके साथ मौजूद लकी (14), जो नदी के बाहर था, ने शोर मचाकर मदद मांगी।

लकी की आवाज सुनकर आसपास खेतों में काम कर रहे ग्रामीण दौड़कर मौके पर पहुंचे और बच्चों को बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक चारों किशोर नदी की तेज धारा में बह चुके थे। इसके बाद पुलिस और बचाव एजेंसियों को सूचना दी गई।

लापता किशोरों की पहचान राहुल (15), पुत्र सतीश, निवासी डीसीएम कॉलोनी, इब्राहिमपुर; अंशु (15), पुत्र श्याम बिहारी शाह, निवासी डीसीएम कॉलोनी, इब्राहिमपुर सौरभ (15), पुत्र दीपक, निवासी बस स्टैंड के पास, इब्राहिमपुर; तथा अमनदीप (15), पुत्र महेंद्र सिंह, निवासी ई-ब्लॉक, इब्राहिमपुर के रूप में हुई है।

घटना की सूचना मिलते ही राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए), दमकल विभाग और संबंधित एसडीएम को मौके पर बुलाया गया। सभी एजेंसियों ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर संयुक्त सर्च एवं रेस्क्यू अभियान शुरू किया। गोताखोरों और बचाव दल की मदद से नदी में देर रात तक चारों किशोरों की तलाश की जाती रही।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि स्थानीय पुलिस लगातार बचाव एजेंसियों के साथ समन्वय बनाए हुए है और बच्चों का पता लगाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। यदि बच्चों के शव बरामद होते हैं तो भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) के प्रावधानों के तहत पंचनामा और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस हादसे के बाद चारों परिवारों में मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों ने बरसात के मौसम में यमुना नदी के बढ़े जलस्तर और तेज बहाव को देखते हुए लोगों से नदी में न उतरने की अपील की है। पुलिस ने भी नागरिकों, विशेषकर बच्चों और अभिभावकों से सावधानी बरतने तथा नदी और अन्य गहरे जलाशयों में नहाने से बचने की सलाह दी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी

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