रानी झांसी फ्लाईओवर से छलांग लगाकर जान देने की कोशिश, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने बचाई सरकारी शिक्षक की जिंदगी
नई दिल्ली, 12 जुलाई (हि.स.)। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई ने एक सरकारी स्कूल शिक्षक की जान बचा ली। रानी झांसी फ्लाईओवर से छलांग लगाकर आत्महत्या का प्रयास करने वाले 45 वर्षीय शिक्षक को ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने बिना समय गंवाए अस्पताल पहुंचाया, जिससे उनकी जान बच गई। फिलहाल उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, आठ जुलाई को शाम करीब चार बजे आजाद मार्केट चौक पर तैनात दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के जवानों को सूचना मिली कि रानी झांसी फ्लाईओवर पर एक व्यक्ति आत्महत्या करने की कोशिश कर रहा है। सूचना मिलते ही ड्यूटी पर मौजूद कांस्टेबल साहिल और कांस्टेबल अमित तत्काल मौके पर पहुंचे। पुलिसकर्मियों ने देखा कि व्यक्ति फ्लाईओवर से छलांग लगाकर गंभीर रूप से घायल हो चुका है। ऐसे में समय गंवाए बिना दोनों जवानों ने राह से गुजर रहे एक ई-रिक्शा को रुकवाया और घायल को उसमें बैठाकर तुरंत हिंदू राव अस्पताल पहुंचाया, ताकि उसे जल्द से जल्द इलाज मिल सके।
इस पूरे ऑपरेशन की निगरानी सब-इंस्पेक्टर सुरेश कुमार और एएसआई बिजू के. ने की। उन्होंने मौके से ही ट्रैफिक कंट्रोल रूम और स्थानीय थाना पुलिस को सूचना देकर आवश्यक समन्वय स्थापित किया, जिससे चिकित्सा और पुलिस सहायता में किसी तरह की देरी न हो।
अस्पताल में घायल की पहचान आनंद कुमार सरोहा (45) के रूप में हुई। वह दिल्ली सरकार के सर्वोदय बाल विद्यालय, ललिता ब्लॉक, शास्त्री नगर में शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं। प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए सेंट स्टीफंस अस्पताल रेफर कर दिया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार उनकी हालत अब स्थिर है और वह खतरे से बाहर हैं। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यदि पुलिसकर्मी कुछ मिनट भी देर करते तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। मौके पर मौजूद जवानों की सूझबूझ, तेजी से लिया गया फैसला और बेहतर समन्वय ही शिक्षक की जान बचाने में सबसे अहम साबित हुआ। इस घटना ने एक बार फिर साबित किया कि दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की जिम्मेदारी केवल यातायात को सुचारु बनाए रखने तक सीमित नहीं है। सड़क पर किसी भी तरह की आपात स्थिति, दुर्घटना या जीवनरक्षक परिस्थितियों में भी ट्रैफिक पुलिसकर्मी पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ लोगों की मदद के लिए आगे आते हैं।
हालांकि, शिक्षक द्वारा आत्महत्या का प्रयास किन परिस्थितियों में किया गया, इसका पता लगाने के लिए स्थानीय पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने अपने जवानों की त्वरित कार्रवाई को मानवता और कर्तव्यनिष्ठा का उत्कृष्ट उदाहरण बताया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी

