पंजाब में कथित पेपर लीक मामले के दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग

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पंजाब में कथित पेपर लीक मामले के दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग


नई दिल्ली, 25 जुलाई (हि.स.)। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री एवं वरिष्ठ सिख नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने पंजाब में कथित तौर पर सामने आए पेपर लीक के मामलों को लेकर पंजाब सरकार से जवाबदेही तय करने और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की।

उन्होंने कहा कि यदि किसी राज्य में बार-बार प्रतियोगी परीक्षाओं की गोपनीयता पर सवाल उठते हैं, तो सरकार का दायित्व है कि वह समयबद्ध एवं निष्पक्ष जांच कराए तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करे। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में कई प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के बावजूद अब तक स्पष्ट जवाबदेही तय नहीं की गई है।

मंत्री सिरसा ने कहा कि अरविंद केजरीवाल आम आदमी पार्टी (आआपा) के नेता दिल्ली में छात्रों के आंदोलनों और प्रदर्शनों में मंच साझा करते हैं तथा केंद्र सरकार पर लगातार सवाल उठाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में छात्रों को आंदोलन के लिए भ्रमित किया जाता है और सरकार पर दबाव बनाने की राजनीति की जाती है, लेकिन जब पंजाब में कथित तौर पर एक के बाद एक पेपर लीक के मामले सामने आते हैं, तब वही लोग पूरी तरह चुप्पी साध लेते हैं। उन्होंने कहा कि यदि छात्रों के भविष्य की चिंता वास्तव में है, तो वह केवल दिल्ली तक सीमित नहीं होनी चाहिए। पंजाब के लाखों युवाओं के साथ न्याय की मांग पर भी समान मुखरता दिखाई जानी चाहिए।

मंत्री सिरसा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा सार्वजनिक परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सख्त कानूनी प्रावधान लागू किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब केंद्र सरकार इस दिशा में कठोर कदम उठा रही है, तब पंजाब सरकार और उसके शिक्षा मंत्री की जवाबदेही पर सवाल उठाना भी उतना ही आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि यदि अन्य राज्यों के मामलों में नैतिक जिम्मेदारी की मांग की जाती है, तो पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के मामले में भी वही मानदंड लागू होने चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि इस विषय पर कुछ राजनीतिक दल और उनके नेता मौन क्यों हैं।

छात्र आंदोलन से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता अभिजीत दीपके ने भी सार्वजनिक रूप से कहा था कि यदि पंजाब में छात्रों के साथ अन्याय या पेपर लीक जैसे मामले सामने आते हैं, तो उनके खिलाफ भी आवाज उठाई जाएगी।

मंत्री सिरसा ने कहा कि अब समय आ गया है कि सभी पक्ष अपने शब्दों पर कायम रहें और पंजाब के युवाओं के हित में भी समान रूप से संघर्ष करें।

उन्होंने कहा कि पंजाब में कथित तौर पर नायब तहसीलदार भर्ती परीक्षा, पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड से जुड़े पेपर लीक, कृषि अधिकारी भर्ती परीक्षा तथा बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज द्वारा आयोजित फार्मासिस्ट भर्ती परीक्षा से संबंधित अनियमितताओं के मामले सामने आए हैं। उनका कहना था कि इन घटनाओं से लाखों विद्यार्थियों का विश्वास प्रभावित हुआ है और सरकार को स्पष्ट रूप से बताना चाहिए कि किन मामलों में क्या कार्रवाई हुई है।

उन्होंने कहा कि यदि किसी भी राज्य में पेपर लीक जैसी घटनाएं सामने आती हैं, तो वहां निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और आवश्यक होने पर राजनीतिक जवाबदेही भी तय की जानी चाहिए। छात्रों के भविष्य के प्रश्न पर दोहरे मानदंड नहीं अपनाए जाने चाहिए।

सिरसा ने पंजाब सरकार से मांग की कि सभी कथित पेपर लीक मामलों की समयबद्ध एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस को नैतिक जिम्मेदारी के आधार पर अपने पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि इससे परीक्षा प्रणाली में छात्रों का विश्वास मजबूत होगा और युवाओं को यह संदेश जाएगा कि उनके भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव

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