निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर दिल्ली जीएसटी विभाग ने 5 करोड़ का माल जब्त किया

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निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर दिल्ली जीएसटी विभाग ने 5 करोड़ का माल जब्त किया


नई दिल्ली, 12 सितंबर (हि.स.)। दिल्ली सरकार के वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विभाग ने रेलवे अधिकारियों के समन्वय से कार्रवाई करते हुए हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर करीब 5 करोड़ रुपये मूल्य के कॉपर स्क्रैप समेत लगभग 50 टन माल की खेप जब्त की है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक बयान में कहा कि दिल्ली सरकार कर चोरी और राजस्व के नुकसान को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। सरकार का लक्ष्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि ऐसी प्रभावी व्यवस्था तैयार करना है, जिसमें कारोबार पारदर्शी तरीके से हो और प्रत्येक देय कर की वसूली सुनिश्चित हो। रेलवे सहित माल परिवहन के सभी माध्यमों पर निगरानी बढ़ाकर जीएसटी अनुपालन को मजबूत किया जाएगा। सुशासन, पारदर्शिता और सरकारी राजस्व की सुरक्षा दिल्ली सरकार की प्राथमिकताओं में हैं और कर चोरी में शामिल तत्वों के खिलाफ कानून के अनुरूप सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

बयान के मुताबिक विभाग को खुफिया जानकारी मिली थी कि रेलवे नेटवर्क के जरिए अनिवार्य दस्तावेजों, जैसे इनवॉइस और ई-वे बिल के बिना माल का परिवहन किया जा रहा है। इसी सूचना के आधार पर विभाग ने रेलवे अधिकारियों के साथ मिलकर यह कार्रवाई की। यह खेप आंध्र प्रदेश के रेणिगुंटा से रवाना हुई ट्रेन के जरिए लाई गई थी और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पहुंची थी। जांच के दौरान अधिकारियों ने करीब 25 टन कॉपर स्क्रैप जब्त किया, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 3 करोड़ रुपये है। इसके अलावा करीब 25 टन मिश्रित स्क्रैप, कपड़े और अन्य सामान भी मिला, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 2 करोड़ रुपये है। इस प्रकार पकड़े गए माल का कुल अनुमानित मूल्य करीब 5 करोड़ रुपये है।

पकड़े गए माल के साथ आवश्यक इनवॉइस और ई-वे बिल उपलब्ध नहीं थे। विभाग द्वारा अब माल और उससे संबंधित दस्तावेजों का विस्तृत सत्यापन किया जा रहा है। साथ ही, जीएसटी कानून के तहत माल के परिवहन से संबंधित वैधानिक अनुपालन की भी जांच की जा रही है। विभाग के अनुसार, यह कार्रवाई सड़क मार्ग के अलावा रेलवे नेटवर्क के जरिए होने वाले माल के परिवहन पर निगरानी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। रेलवे अधिकारियों के साथ समन्वय और रेलवे मार्गों की निगरानी बढ़ाकर बिना हिसाब-किताब के माल, अनियमित दस्तावेजों और संभावित कर चोरी के मामलों का पता लगाने के प्रयास तेज किए जा रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव

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