भागीरथ पैलेस से नकली रेबीज वैक्सीन की 481 यूनिट जब्त, दोषियों पर कार्रवाई का निर्देश
नई दिल्ली, 22 सितंबर (हि.स.)। दिल्ली औषधि नियंत्रण विभाग ने भागीरथ पैलेस स्थित फर्म से 2 लाख रुपये की नकली रेबीज वैक्सीन की 481 यूनिट जब्त की है। यह कार्रवाई दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ पंकज कुमार सिंह के निर्देश पर चल रहे प्रवर्तन अभियान के तहत की गई।
मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि नकली दवाइयां बेचने वालों के खिलाफ दिल्ली सरकार की नीति जीरो टॉलरेंस की है। रेबीज एक गंभीर और कई मामलों में जानलेवा बीमारी है। इसलिए रेबीज वैक्सीन की गुणवत्ता से किसी भी तरह का कोई समझौता नहीं किया जा सकता। इस मामले में शामिल सभी लोगों के खिलाफ 'ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940' के प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
प्रवर्तन अभियान के दौरान दिल्ली औषधि नियंत्रण विभाग की एक टीम ने दिल्ली के भागीरथ पैलेस में तीन परिसरों की गहन तलाशी ली। तलाशी अभियान के दौरान फर्म की बिक्री परिसर और गोदाम से रेबीज़ वैक्सीन, ह्यूमन I.P. (प्यूरीफाइड वेरो सेल रेबीज़ वैक्सीन) – (अभयरैब) वैक्सीन की नकली 481 यूनिट बरामद हुईं। वैक्सीन की मूल निर्माता कंपनी एम/एस ह्यूमन बायोलॉजिकल इंस्टीट्यूट, तेलंगाना ने पुष्टि की है कि संबंधित वैक्सीन का बैच नंबर नकली है और यह बैच कंपनी द्वारा जारी नहीं किया गया था।
टीम ने लैब टेस्ट और परीक्षण के लिए 120 वायल के नमूने आगे की जांच के लिए कस्टडी में लिया हैं। बाकी 361 यूनिट वैक्सीन और सात खरीद चालानों को ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 की धारा 22(1) (C) और 22(1) (CC) के तहत जब्त किया गया है। सभी नमूनों को आगे की जांच और सैंपल को एनालिसिस के लिए कसौली स्थित सीआरआई सेंटर में भेजा गया है। जब्त स्टॉक की जांच के दौरान भागीरथ पैलेस स्थित फर्म ने बताया कि उसने कथित नकली वैक्सीन कानपुर की एक एजेंसी से खरीदी थी। इसके बाद दिल्ली ड्रग्स कंट्रोल विभाग ने इसकी जानकारी उत्तर प्रदेश के औषधि नियंत्रण विभाग के साथ साझा की। यूपी औषधि नियंत्रण विभाग ने कानपुर स्थित एजेंसी समेत दो स्थानों पर छापेमारी की कार्रवाई की। जांच में कानपुर की एजेंसी ने राजधानी दिल्ली में नकली वैक्सीन की सप्लाई करने की बात स्वीकार की है।
मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि मामले में आगे की कार्रवाई जारी है। इस गैर-कानूनी काम में शामिल और नकली दवाओं के पूरे नेटवर्क का पता लगाने, जब्त दवाओं के स्रोत और वितरण चेन का पता लगाने के साथ दोषियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई चल रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव

