दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा आठ वॉच टावर और उन्नत निगरानी प्रणालियों से होगी युक्त

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दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा आठ वॉच टावर और उन्नत निगरानी प्रणालियों से होगी युक्त


नई दिल्ली, 19 अक्टूबर (हि.स.)। दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा व्यवस्था को व्यापक स्तर पर सुदृढ़ किया जा रहा है। इसके अंतर्गत आठ वॉच टावर स्थापित किए जा रहे हैं, सीआरपीएफ के लिए एक समर्पित गश्ती मार्ग विकसित किया जा रहा है। विधानसभा के विभिन्न प्रवेश द्वारों पर स्वचालित स्लाइडिंग दरवाजे लगाए जा रहे हैं तथा वाहनों की जांच के लिए अंडर व्हीकल सर्विलांस सिस्टम (यूवीएसएस), हाइड्रोलिक ब्लॉकिंग बोलार्ड, फोटो पहचान सुविधा से युक्त फ्लैप बैरियर, रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआईडी) तकनीक, विस्तारित सीसीटीवी निगरानी नेटवर्क और रिसेप्शन पर डिजिटल प्रबंधन प्रणाली जैसी व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने सोमवार को इसकी जानकारी देते हुए कहा कि विधानसभा परिसर की सुरक्षा को और मजबूत करने के उद्देश्य से ये पहल की गई हैं। पूर्व में मिली बम धमकियों और सुरक्षा संबंधी घटनाओं को ध्यान में रखते हुए इन उपायों को विशेष महत्त्व दिया जा रहा है।

विधानसभा परिसर की परिधि पर निगरानी मजबूत करने के लिए रिसेप्शन के पीछे सहित परिसर के सामने और पीछे विभिन्न रणनीतिक स्थानों पर आठ वॉच टावर स्थापित किए जा रहे हैं। इनमें से एक वॉच टावर का निर्माण पूरा हो चुका है। इन वॉच टावरों पर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवान तैनात किए जाएंगे, ताकि परिसर की सतर्क निगरानी की जा सके, संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रखी जा सके और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

सीआरपीएफ के जवानों द्वारा विधानसभा परिसर की सीमा के एक छोर से दूसरे छोर तक गश्त सुनिश्चित करने के लिए एक समर्पित गश्ती मार्ग विकसित किया जा रहा है। इस कार्य का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा पूरा हो चुका है। इस मार्ग से सुरक्षा कर्मियों को परिसर की परिधि में अधिक प्रभावी ढंग से गश्त करने, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर शीघ्र प्रतिक्रिया देने में सहायता मिलेगी। प्रवेश व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए विधानसभा के गेट संख्या 1 से 5 तक स्वचालित स्लाइडिंग दरवाजे लगाए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त, हाइड्रोलिक ब्लॉकिंग बोलार्ड भी स्थापित किए गए हैं, जो अनधिकृत वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने और संवेदनशील प्रवेश बिंदुओं पर सुरक्षा की एक अतिरिक्त परत प्रदान करने में सहायक होंगे।

परिसर में प्रवेश करने वाले वाहनों की जांच के लिए गेट संख्या 2 और 5 पर अंडर व्हीकल सर्विलांस सिस्टम स्थापित किए गए हैं। इन प्रणालियों के माध्यम से वाहनों का निरीक्षण करने तथा संदिग्ध वाहनों और संभावित रूप से फर्जी नंबर प्लेटों की पहचान करने में सहायता मिलेगी। ऐसे मामलों में सुरक्षा कर्मियों द्वारा आगे आवश्यक सत्यापन किया जा सकेगा। गेट संख्या 1 पर फोटो पहचान सुविधा से युक्त फ्लैप बैरियर लगाए जा रहे हैं। इनके माध्यम से विधानसभा परिसर में प्रवेश करने वाले व्यक्तियों की पहचान सत्यापित करने और उनके प्रवेश का उचित रिकॉर्ड रखने में सहायता मिलेगी। इसके अतिरिक्त, रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन प्रणाली परिसर में प्रवेश करने वाले वाहनों की पहचान और उनका रिकॉर्ड दर्ज करने में सहायक होगी। इससे वाहनों की आवाजाही की अधिक व्यवस्थित निगरानी सुनिश्चित की जा सकेगी।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में विधानसभा परिसर में लगभग 120 सीसीटीवी कैमरे स्थापित हैं। निगरानी व्यवस्था को और व्यापक बनाने के लिए दिल्ली पुलिस से उन अतिरिक्त अंधेरे स्थानों और संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करने का अनुरोध किया गया है, जहां कैमरे लगाए जा सकते हैं। इस पहल का उद्देश्य निगरानी में मौजूद कमियों को दूर करना और पूरे परिसर में अधिक प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करना है।

रिसेप्शन पर आगंतुकों के पंजीकरण और सत्यापन की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए एक डिजिटल प्रबंधन प्रणाली स्थापित की गई है। इस प्रणाली के माध्यम से आगंतुकों की फोटो पहचान तथा उनसे संबंधित आवश्यक जानकारी, जिसमें विधानसभा आने का उद्देश्य भी शामिल है, दर्ज की जा सकेगी। इससे प्रवेश प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित बनाने, पारदर्शिता बढ़ाने और जवाबदेही सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी।

विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि ये सभी सुरक्षा उपाय दिल्ली विधानसभा के लिए एक अधिक मजबूत और समन्वित सुरक्षा व्यवस्था विकसित करने की दिशा में महत्त्वपूर्ण कदम हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव

Livevns.news Desk
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