एमसीडी बजट पर स्थायी समिति की दूसरे दिन की बैठक में पार्षदों ने दिए महत्वपूर्ण सुझाव
नई दिल्ली, 06 जनवरी (हि.स.)। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के वित्तीय वर्ष 2025–26 के संशोधित बजट अनुमान एवं 2026–27 के बजट अनुमानों को लेकर स्थायी समिति की दूसरे दिन मंगलवार को भी बैठक आयोजित की गई।
स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि तीन वर्षों के बाद पहली बार स्थायी समिति में पार्षदों को बजट पर विस्तार से चर्चा करने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि बैठक के दौरान सभी पार्षदों द्वारा बजट से जुड़े महत्वपूर्ण, सार्थक और व्यावहारिक सुझाव प्रस्तुत किए गए हैं, जिन्हें आगामी बजट में सम्मिलित किया जाएगा।
बैठक में स्थायी समिति के उपाध्यक्ष सुंदर सिंह ने भी अपने महत्वपूर्ण बजट को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव रखे और कहा की बजट को सम्मिलित करते हुए एक जनहितकारी और व्यावहारिक बजट तैयार किया जाएगा|
बैठक में स्थायी समिति के सदस्यों राजपाल, प्रवीण कुमार, जगमोहन महलावत एवं नीमा भगत ने बजट प्रस्तावों पर अपने विचार रखे तथा निगम के राजस्व बढ़ाने के संभावित स्रोतों पर सुझाव प्रस्तुत किए।
वहीं, आवारा पशुओं की समस्या के समाधान के लिए अलग बजटीय प्रावधान किए जाने तथा प्रदूषण नियंत्रण के लिए भी बजट व्यवस्था करने का सुझाव दिया गया। सदस्यों ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि बजट आवंटन जमीनी आवश्यकताओं के अनुरूप हों तथा योजनाओं का लाभ सीधे आम नागरिकों तक पहुंचे।
दूसरे दिन की चर्चा में विशेष रूप से नागरिक सुविधाओं में सुधार, परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन, रख-रखाव कार्यों की गुणवत्ता, संसाधनों के दक्ष उपयोग तथा नागरिक सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने जैसे विषयों पर विचार किया गया।
सत्या शर्मा ने यह भी कहा कि बजट चर्चा का उद्देश्य केवल आंकड़ों का विश्लेषण नहीं, बल्कि निगम की प्राथमिकताओं को स्पष्ट रूप से परिभाषित करना और जन अपेक्षाओं के अनुरूप योजनाओं को आकार देना है। दूसरे दिन प्राप्त सुझावों से बजट को अधिक व्यवहारिक, परिणामोन्मुख और जनहितकारी बनाने में सहायता मिलेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी

