नुक्कड़ नाटक के जरिए ट्रैफिक पुलिस ने 300 छात्रों को दिया सड़क सुरक्षा का पाठ

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नई दिल्ली, 06 अक्टूबर (हि.स.)। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की उत्तरी रेंज ने मंगलवार को सड़क हादसों पर अंकुश लगाने और विद्यार्थियों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से बख्तावरपुर स्थित मदर खजानी स्कूल में सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया।

नरेला ट्रैफिक सर्कल के तहत आयोजित कार्यक्रम में करीब 300 छात्रों ने हिस्सा लिया। सड़क सुरक्षा प्रकोष्ठ के सहयोग से हुए इस कार्यक्रम में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से छात्रों को सड़क पर जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करने का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम डीसीपी ट्रैफिक उत्तरी रेंज डॉ. सचिन कुमार सिंघल के निर्देशन और निगरानी में आयोजित किया गया। नुक्कड़ नाटक के जरिए छात्रों को यातायात नियमों की अनदेखी से होने वाले सड़क हादसों और उनके गंभीर परिणामों के बारे में रोचक एवं सरल तरीके से समझाया गया। कलाकारों ने अभिनय के माध्यम से यह संदेश दिया कि सड़क पर छोटी-सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।

ट्रैफिक पुलिस ने छात्रों को दोपहिया वाहन पर सफर करते समय अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनने और कार में सीट बेल्ट लगाने की सलाह दी। पुलिसकर्मियों ने कहा कि वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल दुर्घटना का बड़ा कारण बन सकता है, इसलिए ड्राइविंग के दौरान मोबाइल से पूरी तरह दूरी बनाए रखना जरूरी है। इसके साथ ही शराब पीकर वाहन नहीं चलाने और यातायात संकेतों का पालन करने के लिए भी छात्रों को जागरूक किया गया।

कार्यक्रम के दौरान छात्रों को लेन अनुशासन का पालन करने और सड़क पार करते समय जेब्रा क्रॉसिंग का इस्तेमाल करने की जानकारी भी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने छात्रों को समझाया कि यातायात नियम केवल चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि अपनी और दूसरों की जिंदगी सुरक्षित रखने के लिए बनाए गए हैं।

स्कूल प्रशासन ने दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की इस पहल की सराहना की। अधिकारियों ने कहा कि बच्चों और युवाओं के बीच सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाना बेहद जरूरी है। जागरूक छात्र न केवल स्वयं यातायात नियमों का पालन कर सकते हैं, बल्कि अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

उत्तरी रेंज ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि सड़क सुरक्षा को लेकर भविष्य में भी स्कूलों और अन्य संस्थानों में इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी

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