राहुल गांधी की अमर्यादित भाषा हताशा का प्रमाण : रेखा गुप्ता

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राहुल गांधी की अमर्यादित भाषा हताशा का प्रमाण : रेखा गुप्ता


नई दिल्ली, 20 मई (हि.स.)। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता समेत दिल्ली सरकार केे मंत्रियों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करने पर लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की आलोचना की है और उनके बयान को घोर हताशा का प्रमाण बताया है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करने पर देश से माफी मांगनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि विभाजन और नफरत फैलाना ही कांग्रेस की असली राजनीति रही है। जो नेता और दल स्वयं आपातकाल के दाग और भ्रष्टाचार के इतिहास से घिरे रहे हैं, वे आज राष्ट्रभक्ति का उपदेश दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का नकारात्मक एजेंडा और देश को बदनाम करने की साजिश अब जनता के सामने पूरी तरह बेनकाब हो चुकी है। देश की जागरूक जनता इस अपमानजनक राजनीति को कभी स्वीकार नहीं करेगी।

लोक निर्माण विभाग के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि कांग्रेस और उसके नेताओं द्वारा देश के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ लगातार अभद्र और गैर-जिम्मेदाराना बयान देना उनकी राजनीतिक हताशा को दर्शाता है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि जब कांग्रेस को जनता बार-बार लोकतांत्रिक तरीके से नकार चुकी हो, तब ध्यान भटकाने के लिए इस तरह की भाषा का सहारा लिया जाता है।

प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि देश ने वर्षों तक कांग्रेस की विभाजनकारी राजनीति, भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग को देखा है। आज जब भारत वैश्विक स्तर पर मजबूत नेतृत्व के साथ आगे बढ़ रहा है, तब कांग्रेस को यह जनसमर्थन पच नहीं रहा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को समझना चाहिए कि लोकतंत्र में असहमति हो सकती है, लेकिन देश के प्रधानमंत्री और गृहमंत्री जैसे संवैधानिक पदों के प्रति मर्यादा बनाए रखना हर राजनीतिक दल की यह जिम्मेदारी है।

पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह ने कहा कि राहुल गांधी के अपशब्द उनकी छोटी सोच औक मन की नफरत को दर्शाते हैं।

सिरसा ने एक्स पर वीडियो पोस्ट कर कहा कि राहुल गांधी एक नाकाबिल आदमी हैं, परिवारवाद के कारण उनको जबरन उस कुर्सी पर बिठाया गया है जिसके वह काबिल नहीं हैं। उन्हें अपने बयान के लिए देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव

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