दिल्ली सरकार 24 घंटे हर घर तक स्वच्छ जल आपूर्ति के लिए प्रतिबद्ध : प्रवेश साहिब सिंह
नई दिल्ली, 09 जनवरी (हि.स.)। दिल्ली सरकार के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने शुक्रवार को विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान जल आपूर्ति पर कहा कि राजधानी में गंदे पानी, पाइपलाइन लीकेज और अनियमित आपूर्ति की समस्या किसी एक दिन की नहीं, बल्कि पिछली सरकारों की वर्षों की उपेक्षा, अनिर्णय और देरी का परिणाम है।
प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि दिल्ली सरकार और दिल्ली जल बोर्ड, भारत सरकार के सहयोग से, हर घर तक स्वच्छ, समान और निरंतर (24x7) जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं, लेकिन वर्तमान सरकार को एक जर्जर और उपेक्षित जल ढांचा विरासत में मिला है। उन्होंने कहा कि हमने कोई समस्या नहीं बनाई, हमने समस्या विरासत में पाई है। लेकिन फर्क यह है कि हम जिम्मेदारी से भाग नहीं रहे, समाधान दे रहे हैं।
जल मंत्री ने सदन को बताया कि दिल्ली में कुल 16,000 किलोमीटर जल पाइपलाइन नेटवर्क में से
5,200 किलोमीटर से अधिक पाइपलाइन 30 साल से ज्यादा पुरानी हैं और 2,700 किलोमीटर पाइपलाइन 20–30 साल पुरानी हैं। इसका नतीजा यह हुआ कि जगह-जगह रिसाव, पाइप फटना, दूषित पानी और 55 फीसद तक नॉन-रेवेन्यू वाटर (एनआरडब्लू) की हानि हो रही है। उन्होंने कहा कि जब पाइप 30 साल पुराने हों, तो पानी नहीं समस्या बहती है।
प्रवेश वर्मा ने बताया कि 2011 से प्रस्तावित चंद्रावल और वजीराबाद जल सुधार परियोजनाएं पिछली सरकार की अनिर्णयता, बार-बार टेंडर रद्द करने और फंडिंग एजेंसियों से टकराव के कारण वर्षों तक लटकी रहीं।
चंद्रावल कमांड एरिया प्रोजेक्ट
• कवरेज: 96 वर्ग किमी | 22 लाख आबादी
• 2020 में टेंडर रद्द
• 2021 में फाइनेंशियल बिड खुलने के बावजूद कार्य आवंटन नहीं
• जाइका (JICA) गाइडलाइंस का उल्लंघन
• बार-बार डीपीआर, स्कोप और रेट्स में बदलाव
“काम समय पर होता, तो दिल्ली को साफ पानी मिलता। देरी हुई, ताकि काम चहेतों को मिले।
वजीराबाद प्रोजेक्ट
• कवरेज : 123 वर्ग किमी | 30 लाख आबादी
• लागत 2243 करोड़ रुपये से बढ़कर 3715 करोड़ रुपये, 22 अक्टूबर 2020 को एडीबी ने फंडिंग वापस ली औऱ पूरा प्रोजेक्ट ठप हो गया। दिल्लीवासियों के हक़ से बड़ा कुछ लोगों का निजी स्वार्थ था।
जल मंत्री ने बताया कि वर्तमान सरकार ने महज 11 महीनों में जल क्षेत्र में तेज, पारदर्शी और निर्णायक कदम उठाए हैं। 7,212 करोड़ के 94 बड़े प्रोजेक्ट मंजूरी दी। जल पाइपलाइन, सीवेज नेटवर्क और एसटीपी पर काम किया। चंद्रावल प्रोजेक्ट को नई जान दी। नवंबर 2025 में शेष पैकेज आवंटित किया। इसकी कुल लागत: 2406 करोड़ रुपये हो गई। 1044 किमी नई पाइपलाइन बिछाई काम शुरू किया। 21 यूजीआर (अंडरग्राउंड रिज़र्वॉयर) किया गया। इससे नौ विधानसभा क्षेत्रों को लाभ मिलेगा।
प्रवेश साहिब ने बताया कि वजीराबाद प्रोजेक्ट पुनर्जीवित किया गया। एडीबी के सहयोग से 3715 करोड़ रुपये की योजना बनी। 1697 किमी नई पाइपलाइन काम शुरू किया गया। 14 यूजीआर किया गया। इससे 11 विधानसभा क्षेत्रों को लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि “जहाँ पिछली सरकार ने प्रोजेक्ट छोड़े,
वहां हमने जनता को चुना।”
अनधिकृत कॉलोनियों और गांवों तक पानी पहुंचने के लए 262 नए ट्यूबवेल चालू किए, 200 किमी नई पाइपलाइन बिछाने पर काम जारी है। कई अनधिकृत कॉलोनियों में पहली बार नियमित जल आपूर्ति दी जा रही है।
नए यूजीआर
• पल्ला – 37 मिलियन लीटर प्रति दिन
• बिजवासन – 9 मिलियन लीटर प्रति दिन
• सिरसपुर – 12 मिलियन लीटर प्रति दिन
ट्रंक सीवर की ऐतिहासिक सफाई
दिल्ली में दशकों से साफ न हुए ट्रंक सीवरों की सफाई के लिए
• 170 करोड़ की लागत
• 100 किमी ट्रंक सीवर की डी-सिल्टिंग
“सीवर की सफाई सिर्फ तकनीकी काम नहीं,
जनस्वास्थ्य का सवाल है।”
जल मंत्री ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि “जब तक हर घर सीवर से नहीं जुड़ता, तब तक सेप्टिक टैंक की सफाई पूरी तरह मुफ्त होगी। 300 नए सरकारी टैंकर, प्राइवेट टैंकर माफिया से मुक्ति किया जाएगा। इससे यमुना और भूजल को प्रदूषण से बचाव जाएगा।
पानी की उपलब्धता बढ़ाने की बहु-स्तरीय रणनीति बनाई जा रही है। हिमाचल प्रदेश से 113 मिलियन लीटर प्रति दिन अतिरिक्त पानी पर बातचीत जारी है। हरियाणा व उत्तर प्रदेश से 51 क्यूसेक जल के लिए चर्चा जारी है। मुनक नहर और डीएसबी कैनाल की लाइनिंग की जा रही है। आईआईटी रुड़की से कंड्यूट पाइपलाइन पर स्टडी जारी है। द्वारका डब्लूटीपी की क्षमता में 20 एमजीडी वृद्धि की जाएगी। उन्होंने कहा कि “दिल्ली की जल समस्या राजनीति से नहीं, नीति और नीयत से सुलझेगी और यही हमारी सरकार कर रही है। जल मंत्री ने भरोसा दिलाया कि दिल्ली सरकार विरासत में मिली चुनौतियों पर विजय प्राप्त कर राजधानी को आधुनिक, विश्वसनीय और स्वच्छ जल आपूर्ति प्रणाली देगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव

