दिल्ली में पुलिसकर्मियों ने वकीलों के साथ विवाद में मुख्यालय पर प्रदर्शन किया
नई दिल्ली, 02 नवंबर (हि.स.)। दिल्ली पुलिस के जवानों ने सोमवार को शाहदरा पुलिस स्टेशन में वकीलों के साथ झड़प के बाद एसीपी मानस्वी वशिष्ठ और एसएचओ अरुण कुमार के तबादलों के विरोध में मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।
एसीपी मानस्वी वशिष्ठ ने इस संबंध में पुलिस आयुक्त से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि मुलाकात के दौरान उन्होंने सीपी के सामने अपनी मांग रखी। हालांकि अपेक्षा से बहुत कम लोगों को खुलकर अपनी बात रखने का मौका मिला। हमने अपनी मांगें उन्हें बता दी हैं और उन पर चर्चा चल रही है। इससे पहले पुलिस अधिकारी तीन घंटे से अधिक समय तक कमिश्नर से मुलाकात की मांग को लेकर बाहर जमा रहे।
मामला 23 अक्टूबर को शाहदरा इलाके का है। यहां एक विवाद से जुड़ी झड़प में वकील ललित बंसल को पुलिस स्टेशन में कथित तौर पर सिर में गंभीर चोट आई थीं। शाहदरा पुलिस स्टेशन में इसपर एफआईआर दर्ज की गई। उसी शाम कई वकील कार्रवाई की मांग करते हुए थाने पहुंचे। बताया जा रहा है कि एसीपी वशिष्ठ और एसएचओ अरुण कुमार ने कथित तौर पर उन्हें आश्वासन दिया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
वकीलों का कहना है कि उन्हें अगले दिन पता चला कि आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया और कथित तौर पर रिहा कर दिया गया। वे मामले को संभालने के तरीके का विरोध करने के लिए थाने लौटे और झड़प हुई। वकीलों ने आरोप लगाया कि एसीपी ने रिवॉल्वर दिखाकर उन्हें धमकाया। वहीं पुलिस ने आरोप लगाया कि वकीलों ने दुर्व्यवहार किया, कामकाज में बाधा डाली और एक वकील ने एसएचओ को खींचने की कोशिश की।
इसके बाद दिल्ली पुलिस ने एसीपी वशिष्ठ की शिकायत के आधार पर 15-20 वकीलों के खिलाफ मामला दर्ज किया। दिल्ली के सभी जिला न्यायालयों के बार एसोसिएशनों की समन्वय समिति ने आपातकालीन बैठक की और एसीपी, एसएचओ और अन्य अधिकारियों को जांच लंबित रहने तक निलंबित करने की मांग करते हुए एक परिपत्र जारी किया। दिल्ली भर के जिला न्यायालयों के वकीलों ने काम बंद कर दिया।
इसके बाद 28 अक्टूबर को एसीपी मानस्वी वशिष्ठ का तबादला एसडीपीओ गांधी नगर (शाहदरा) से महिला एवं बाल विशेष पुलिस इकाई (एसपीयूडब्ल्यूएसी) में कर दिया गया। वहीं एसएचओ अरुण कुमार का तबादला शाहदरा पुलिस स्टेशन से दिल्ली पुलिस सुरक्षा शाखा में कर दिया। इसके बाद पुलिस अधिकारियों, दिल्ली बार काउंसिल के प्रतिनिधियों और बार एसोसिएशन के नेताओं के बीच हुई बैठक के बाद वकीलों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल समाप्त कर दी।
इसके बाद आज लगभग 80-100 दिल्ली पुलिसकर्मी पुलिस मुख्यालय के गेट नंबर एर के बाहर तीन घंटे से अधिक समय तक इकट्ठा रहे। वे तख्तियां लिए खड़े थे। इनमें से कुछ पर किरण बेदी जैसे पूर्व अधिकारियों का जिक्र था, पुलिस आयुक्त से मुलाकात की मांग कर रहे थे और समाधान/पुनर्बहाली की मांग कर रहे थे। वरिष्ठ अधिकारियों ने उनसे अनुशासन बनाए रखने और प्रदर्शनकारियों की तरह व्यवहार न करने का आग्रह किया। बाद में समूह ने मुख्यालय के अंदर आयुक्त से मुलाकात की।
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हिन्दुस्थान समाचार / अनूप शर्मा

