अपहृत पांच साल का मासूम सकुशल बरामद, महिला समेत दो तस्कर गिरफ्तार

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अपहृत पांच साल का मासूम सकुशल बरामद, महिला समेत दो तस्कर गिरफ्तार


नई दिल्ली, 16 जनवरी (हि.स.)। उत्तर-पश्चिम जिला पुलिस ने अपहृत हुए पांच वर्षीय बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने एक महिला समेत दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है, जो मासूम बच्चे को मानव तस्करी के उद्देश्य से अगवा कर कोलकाता में बेचने की फिराक में थे। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपितों की पहचान रंजीत शाह उर्फ नीरज बेलदार (29) और काजल (29) के रूप में हुई है। दोनों बिहार के खगड़िया जिले के रहने वाले हैं। जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपित बच्चे को एक लाख रुपये में बेचने की योजना बना रहे थे।

पुलिस के एक अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि 9 जनवरी को शकरपुर स्थित जेजे कॉलोनी निवासी मोहम्मद साहिद ने अपने पांच वर्षीय बेटे आसद के लापता होने की शिकायत थाना सुभाष प्लेस में दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर तुरंत जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना सुभाष प्लेस की पुलिस ने तीन टीमों का गठन किया। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिनमें एक संदिग्ध महिला बच्चे के साथ जाती दिखाई दी। फुटेज के आधार पर तकनीकी निगरानी शुरू की गई, जिससे एक संदिग्ध मोबाइल नंबर का पता चला। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपित रंजीत शाह को बिहार के खगड़िया जिले में एक चलती बस से दबोच लिया। वहीं, दूसरी ओर महिला आरोपित की रेलवे रूट से आवाजाही की जानकारी मिलने पर पुलिस टीम ने कानपुर सेंट्रल और टुंडला रेलवे स्टेशन पर सघन तलाशी अभियान चलाया। पुलिस ने वैशाली एक्सप्रेस के एक कोच में महिला आरोपित काजल बच्चे के साथ छिपकर यात्रा कर रही थी। पुलिस ने तालमेल से कार्रवाई करते हुए टुंडला रेलवे स्टेशन पर बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया और महिला आरोपित को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ के दौरान दोनों आरोपितों ने स्वीकार किया कि उन्होंने आसान पैसा कमाने के लिए बच्चे का अपहरण किया था। आरोपित खुद को बच्चे का माता-पिता बताकर अवैध गोद देने की कोशिश कर रहे थे। कोलकाता में सौदा न हो पाने पर वे अन्य जगह बच्चे को बेचने की फिराक में थे, तभी पुलिस के हत्थे चढ़ गए। दिल्ली पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह सफलता दिल्ली, उप्र, बिहार और कोलकाता तक फैले समन्वित अभियान का नतीजा है। सीसीटीवी विश्लेषण, तकनीकी निगरानी और अंतरराज्यीय तालमेल से मासूम की जान बचाई जा सकी।

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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी

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