एनडीएमसी ने वॉल म्यूरल कार्यशाला का किया आयोजन

WhatsApp Channel Join Now
एनडीएमसी ने वॉल म्यूरल कार्यशाला का किया आयोजन


एनडीएमसी ने वॉल म्यूरल कार्यशाला का किया आयोजन


- कला के माध्यम से विकसित भारत का संकल्प साकार कर रहे हैं देशभर के कलाकार

नई दिल्ली, 18 सितंबर (हि.स.)। ‘सेवा संकल्प’ अभियान के तहत नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) द्वारा आयोजित वॉल म्यूरल कार्यशाला के दौरान शुक्रवार को पंचकुइयां रोड पर पारंपरिक एवं समकालीन भारतीय वॉल म्यूरल बना रहे वरिष्ठ कलाकारों से नई दिल्ली सांसद बांसुरी स्वराज और एनडीएमसी उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने मुलाकात की। उन्होंने कलाकारों के काम को देखा, उनकी सराहना की और उत्साहवर्धन किया।

बांसुरी स्वराज ने कहा कि कलाकार चित्रकला के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत @2047’ के संकल्प को साकार करने का प्रयास कर रहे हैं। देश की युवा शक्ति को साथ लेकर इस संकल्प को सिद्धि तक ले जाने का संदेश इन म्यूरल आर्ट और वॉल आर्ट के जरिए बहुत सुंदर तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है। यह पहल पांच अलग-अलग स्थानों पर हो रही है, जिसमें देशभर से 15 कलाकार शामिल हुए हैं। लगभग 4,200 वर्गफुट क्षेत्र में ये कलाकार भारत की विरासत, विकास और भविष्य की तस्वीर उकेर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि यह एनडीएमसी की पहल प्रधानमंत्री के जन्मदिवस के अवसर पर चल रहे एक महीने के ‘सेवा संकल्प’ अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह भारत की समृद्ध विरासत और प्रधानमंत्री के अथक प्रयासों को समर्पित है। कलाकारों को पूरी रचनात्मक स्वतंत्रता दी गई है। चित्रों में एक ओर भारत की समृद्ध विरासत, ऐतिहासिक स्थल और मंदिर की घंटियाँ दिखेंगी, तो दूसरी ओर तेजस और बुलेट ट्रेन जैसे आधुनिक भारत के प्रतीक भी नजर आएंगे। योग को भारत की सॉफ्ट पावर के रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास भी इनमें दिखता है। वाराणसी से आए कलाकार बलदाऊ जी ने योग को बहुत सुंदर तरीके से दर्शाया है।

स्वराज ने कहा कि प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों—गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में 13 वर्ष और प्रधानमंत्री के रूप में 12 वर्ष—की यात्रा सेवा, सुशासन और राष्ट्र निर्माण के संकल्प से जुड़ी रही है। यही भाव इन म्यूरल्स में भी दिखाई देता है। दिल्ली और विशेष रूप से नई दिल्ली संसदीय क्षेत्र के लिए यह सौभाग्य की बात है कि एनडीएमसी लगभग 4,200 वर्गफुट क्षेत्र में ऐसी कला विकसित कर रहा है, जो नागरिकों और आने वाली पीढ़ियों के लिए भारत की विरासत, विकास और भविष्य का संदेश देगी।

एनडीएमसी उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने कहा कि ‘सेवा संकल्प’ के तहत एनडीएमसी कला और संस्कृति को सार्वजनिक स्थानों से जोड़ने का प्रयास कर रहा है। नई दिल्ली की प्रमुख दीवारों पर भारत की समृद्ध संस्कृति, परंपरा, विरासत और आधुनिक सोच को दर्शाने वाले वॉल म्यूरल बनाए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य सामान्य और खाली दीवारों को सुंदर व आकर्षक बनाना तथा लोगों को भारतीय कला-संस्कृति से जोड़ना है। उन्होंने बताया कि यह सात दिवसीय वॉल म्यूरल कार्यशाला 17 से 23 सितंबर 2026 तक सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक चल रही है। इसमें देश के विभिन्न हिस्सों से आए वरिष्ठ कलाकार भाग ले रहे हैं। श्री चहल ने कहा कि यह पहल ‘विकसित भारत @2047' की सोच से जुड़ी है। पुरानी कला और संस्कृति को आधुनिक कला के साथ जोड़कर नई दिल्ली को अलग पहचान देने का प्रयास किया जा रहा है। इन म्यूरल्स के माध्यम से नागरिकों, छात्रों, पर्यटकों और विदेश से आने वाले लोगों को भारत की कला व संस्कृति से जुड़ने का अवसर मिलेगा।

उन्होंने कहा कि कला किसी भी सामान्य जगह को खूबसूरत और खास बना सकती है। एनडीएमसी के इन वॉल म्यूरल के जरिए वरिष्ठ कलाकारों को अपनी कला दिखाने का मंच मिल रहा है और दिल्ली की दीवारों पर भारत की संस्कृति व विरासत प्रदर्शित हो रही है। कलाकारों ने विरासत, विकास, आत्मनिर्भरता, आधुनिकता और उज्ज्वल भविष्य की तस्वीर दीवारों पर उकेरने का प्रयास किया है।

इस पहल के तहत पंचकुइयां रोड, कनॉट प्लेस आउटर सर्किल ब्लॉक-एच, कनॉट प्लेस मिडिल सर्किल ब्लॉक-जी, चेम्सफोर्ड रोड की ओर जाने वाले आउटर सर्किल के पास तथा कनॉट प्लेस आउटर सर्किल ब्लॉक-जी सहित प्रमुख स्थानों पर वॉल म्यूरल बनाए जा रहे हैं।

एनडीएमसी का उद्देश्य इन वॉल म्यूरल के माध्यम से नई दिल्ली की सुंदरता बढ़ाने के साथ भारतीय कला और संस्कृति को बढ़ावा देना है। यह युवाओं को अपनी कला व विरासत से जोड़ने, सार्वजनिक स्थानों को आकर्षक बनाने और नई दिल्ली की सांस्कृतिक पहचान विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी

Share this story