विकास और पर्यावरण को समान रुप से दी जा रही प्राथमिकता : रेखा गुप्ता

WhatsApp Channel Join Now
विकास और पर्यावरण को समान रुप से दी जा रही प्राथमिकता : रेखा गुप्ता


नई दिल्ली, 07 जुलाई (हि.स.)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि विकास और पर्यावरण एक-दूसरे के पूरक हैं। राजधानी में स्वच्छ परिवहन, व्यापक हरित क्षेत्र, आधुनिक आधारभूत संरचना और वैज्ञानिक पर्यावरण प्रबंधन को समान प्राथमिकता दी जा रही है।

उन्होंने यह बातें मंगलवार को आरके पुरम स्थित सेंट्रल पार्क में आयोजित ‘मिशन 70 लाख पौधारोपण अभियान’ के समारोह में कही।

इस दौरान केंद्रीय गृह अमित शाह ने दिल्ली में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत मिशन 70 लाख पौधारोपण अभियान का शुभारंभ किया। इसके साथ-साथ हाई-सिक्योरिटी प्रिजन नरेला का शिलान्यास, स्वचालित वाहन परीक्षण केंद्र का लोकार्पण, तीन नए डिपो का उद्घाटन और 300 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जिन परियोजनाओं का शुभारंभ एवं लोकार्पण हुआ है, वे केवल निर्माण कार्य नहीं हैं, बल्कि विकसित, स्वच्छ, सुरक्षित और आत्मनिर्भर दिल्ली के भविष्य की मजबूत नींव हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दिए गए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान और मिशन लाइफ ने पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप दिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार ने इस वर्ष के बजट में 22,236 करोड़ रुपये के हरित बजट का प्रावधान कर पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण, वन विकास एवं हरित अवसंरचना को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। राजधानी में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का विस्तार, रिज क्षेत्रों का संरक्षण, देशी प्रजातियों का वैज्ञानिक रोपण, वायु गुणवत्ता में सुधार, कचरा प्रबंधन और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को व्यापक स्तर पर बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का उनके निरंतर मार्गदर्शन और सहयोग के लिए आभार प्रकट किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून व्यवस्था से लेकर पर्यावरण संरक्षण, यमुना के पुनर्जीवन, सार्वजनिक परिवहन और आधुनिक अवसंरचना के विकास तक, केंद्र सरकार का सहयोग दिल्ली को नई दिशा प्रदान कर रहा है। दिल्ली सरकार का लक्ष्य केवल आज की आवश्यकताओं को पूरा करना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए ऐसी राजधानी का निर्माण करना है, जहां स्वच्छ हवा, हरित क्षेत्र, सुरक्षित परिवहन, आधुनिक नागरिक सुविधाएं और सतत विकास एक साथ आगे बढ़ें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए ‘मिशन 70 लाख पौधारोपण अभियान’ का लक्ष्य निर्धारित किया है। यह अभियान केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रत्येक पौधे के संरक्षण, निगरानी और उसके वृक्ष बनने तक की जिम्मेदारी सुनिश्चित की जाएगी। इस अभियान के माध्यम से राजधानी में पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी का व्यापक आंदोलन बनाया जाएगा, जिसमें स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए), स्वयंसेवी संगठन, धार्मिक संस्थाएं, औद्योगिक प्रतिष्ठान, सरकारी विभाग, सुरक्षा बल और आम नागरिक सक्रिय भागीदारी निभाएंगे। इसके साथ ही 12 लाख से अधिक पौधों का निःशुल्क वितरण भी किया जाएगा ताकि प्रत्येक परिवार पर्यावरण संरक्षण से सीधे जुड़ सके।

इस अभियान के तहत दिल्ली सरकार का उद्देश्य केवल हरित क्षेत्र बढ़ाना नहीं, बल्कि राजधानी की पारिस्थितिकी को वैज्ञानिक आधार पर पुनर्जीवित करना है। आने वाले चार वर्षों में लगभग 6,303 हेक्टेयर रिज क्षेत्र में एक करोड़ से अधिक देशी पौधों का रोपण किया जाएगा, जिनमें लगभग 35 लाख से अधिक देशी वृक्ष और 65 लाख से अधिक झाड़ियां, बांस एवं बेल आदि शामिल होंगी। यह किसी भी महानगर में संचालित होने वाले सबसे बड़े वैज्ञानिक पारिस्थितिकी पुनर्स्थापन अभियानों में से एक होगा।

दिल्ली सरकार ने रिज क्षेत्रों को स्थायी संरक्षण प्रदान करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है। लगभग तीन दशक से लंबित प्रक्रिया को गति देते हुए लगभग 4,850 हेक्टेयर रिज क्षेत्र को रिजर्व फॉरेस्ट के रूप में अधिसूचित किया जा चुका है। शेष पात्र क्षेत्रों की अधिसूचना की प्रक्रिया भी तेज गति से जारी है। इससे राजधानी के ‘हरित फेफड़े ‘ग्रीन लंग्स’ कहे जाने वाले रिज क्षेत्र को सर्वोच्च कानूनी संरक्षण प्राप्त होगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि रिज क्षेत्रों में आठ नए जलाशयों का निर्माण किया जा रहा है, जिससे भूजल पुनर्भरण, मिट्टी की नमी और वनस्पतियों के दीर्घकालिक संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि पर्यावरणीय शिक्षा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से पंचवटी वन, नक्षत्र वन, बेल वन, ऋतु वन, ऋषि वन, तीर्थंकर वन, वामन वृक्ष वन और कुरानी वाटिका सहित आठ थीम आधारित वनों का विकास किया जा रहा है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव

Share this story