स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा ने नरेला जोन का किया निरीक्षण, स्वास्थ्य व शिक्षा से जुड़े ढांचे को मजबूत करने के निर्देश
नई दिल्ली, 16 मार्च (हि.स.)। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) में स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने सोमवार को नरेला जोन के विभिन्न वार्डों का निरीक्षण किया। निरीक्षण का उद्देश्य क्षेत्र में स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता तथा अन्य नागरिक सुविधाओं की स्थिति की समीक्षा करना और आवश्यक दिशा-निर्देश देना था।
निरीक्षण के दौरान स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा ने संबंधित अधिकारियों द्वारा किए जा रहे स्वच्छता कार्यों की सराहना करते हुए निर्देश दिया कि इसी प्रकार नियमित सफाई, कूड़ा उठान तथा सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता बनाए रखने के प्रयास निरंतर जारी रखे जाएं ताकि क्षेत्र में स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।
निरीक्षण के दौरान सत्या शर्मा ने सबसे पहले कुतबगढ़ स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर पहुंचीं। यहां ओपीडी में डॉक्टरों की उपस्थिति और दवाइयों की उपलब्धता संतोषजनक पाई, लेकिन शौचालय की खराब स्थिति पर उन्होंने स्वच्छता अधिकारी को फटकार लगाते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह डिस्पेंसरी काफी बड़े परिसर में स्थित है और यहां पर्याप्त कमरे, ओपीडी स्पेस तथा स्टाफ क्वार्टर्स उपलब्ध हैं इसलिए भविष्य में इसे आरोग्य मंदिर के बजाय अस्पताल, मैटरनिटी होम या मातृ-शिशु केंद्र के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर विचार किया जाना चाहिए।
निरीक्षण के क्रम में स्थायी समिति की अध्यक्ष ने औचंदी स्थित निगम प्राथमिक विद्यालय भवन पहुंचीं, जो परित्यक्त स्थिति में पाया गया था। स्थानीय निवासियों ने विद्यालय को पुनर्निर्मित करने के लिए ज्ञापन भी सौंपा। इस पर अध्यक्ष ने मरम्मत के बजाय नया विद्यालय भवन बनाने का निर्देश दिया तथा क्षेत्रीय शिक्षा निदेशक को एक सप्ताह के भीतर प्रस्ताव तैयार कर क्षेत्रीय उपायुक्त को भेजने को कहा।
सत्या शर्मा सलाहपुर माजरा स्कूल भवन पहुंचीं, जो लंबे समय से जर्जर और परित्यक्त पड़ा हुआ है। उन्होंने निर्देश दिया कि भवन को हटाकर वहां ओल्ड एज होम, लाइब्रेरी या सामुदायिक उपयोग की अन्य सुविधाओं के लिए योजना तैयार की जाए। साथ ही पहले पूरे परिसर की सफाई कराने और लैंड यूज से संबंधित प्रक्रिया की जांच कर प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए।
दौरे के अंत में शर्मा माजरा डबास स्थित मल्टीपरपज सोसायटी भवन का निरीक्षण करने पहुंचीं, जो कई वर्षों से जर्जर स्थिति में पड़ा है। उन्होंने निर्देश दिया कि इस भवन को हटाकर वहां आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी का निर्माण किया जाए। अधिकारियों ने बताया कि भूमि से संबंधित रिकॉर्ड की जांच के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने कहा कि क्षेत्र में स्वास्थ्य, शिक्षा और स्वच्छता से जुड़ी सुविधाओं को मजबूत करना निगम की प्राथमिकता है और निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों के आधार पर संबंधित विभागों को शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी, ताकि स्थानीय निवासियों को बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और सामुदायिक सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे, ताकि नागरिकों को बेहतर और सुविधाजनक वातावरण मिल सके।
इस अवसर पर नरेला जोन वार्ड समिति की अध्यक्ष बबीता डबास, क्षेत्रीय उपायुक्त राघवेंद्र मीणा तथा संबंधित विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी

