डेंगू-मलेरिया की रोकथाम को एमसीडी ने आयोजित किया नोडल अध्यापक ट्रेनिंग प्रोग्राम
नई दिल्ली, 27 मार्च (हि.स.)। मलेरिया विभाग शाहदरा दक्षिणी क्षेत्र ने क्षेत्र में डेंगू मलेरिया की रोकथाम के लिए शुक्रवार को दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के विभिन्न स्कूलों से आए नोडल अध्यापक की ट्रेनिंग प्रोग्राम का आयोजन किया। यह ट्रेनिंग प्रोग्राम दिल्ली नगर निगम के इष्ट लक्ष्मी मार्केट के एमसीडी स्कूल में आयोजित किया गया।
इस मौके पर दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) में स्थायी समिति अध्यक्षा सत्या शर्मा, शाहदरा दक्षिणी क्षेत्र वार्ड समिति अध्यक्ष राम किशोर शर्मा, शाहदरा दक्षिणी क्षेत्र उपायुक्त वैरोकपम पुंशिबा सिंह, शाहदरा दक्षिणी क्षेत्र सहायक आयुक्त आदित्य सिंह एवं अन्य दिल्ली नगर निगम पद अधिकारी एवं सभी स्कूलों से आए हुए लगभग 200 अध्यापकों ने भाग लिया।
इस मौके पर स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा ने बताया कि अध्यापकों का डेंगू मलेरिया बचाव में एक महत्वपूर्ण योगदान है एवं इस प्रोग्राम को सफल बनाने के लिए अध्यापक महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने बताया कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के बाद के सभी अध्यापक डेंगू के मौसम में प्रतिदिन निगम के स्कूलों में बच्चो को डेंगू मलेरिया के बारे में परीक्षित करेंगे जिसके कारण क्षेत्र में डेंगू केसो की संख्या नियंत्रण में रहेगी।
इस मौके पर वार्ड समिति अध्यक्ष राम किशोर ने बताया कि छोटे बच्चे अपने शिक्षक की बात को ध्यान से सुनते हैं और उनका अनुपालन करते हैं। उन्होंने बताया कि शिक्षकों का बच्चा डेंगू होमवर्क कार्ड भरवाने में भी महत्वपूर्ण योगदान होता है।
शाहदरा दक्षिणी क्षेत्र उपायुक्त वैरोकपम पुंशिबा सिंह ने बताया गया कि डेंगू एवं चिकनगुनिया वायरस से होने वाले मच्छर जनहित बीमारियों है और इसके बचाव केवल संपूर्ण जानकारी के द्वारा ही किया जा सकता हैं। उन्होंने प्रतिभा परीक्षा होने के उपरांत भी आज विभिन्न स्कूलों से आए हुए अध्यापकों का धन्यवाद किया और उम्मीद कि की इस परीक्षण का लाभ स्कूलों में अन्य अध्यापकों एवं बच्चों को होगा।
उप स्वास्थ्य अधिकारी शाहदरा दक्षिण क्षेत्र ने बताया कि पिछले वर्ष विभिन्न दिल्ली नगर निगम स्कूलों के द्वारा न केवल बच्चों ने स्कूलों रैली के माध्यम से जनता में जागरूकता फैलाई बल्कि पेंटिंग कंपटीशन,क्विज कंपटीशन इत्यादि करके भी डेंगू से बचाव की जानकारी जनता में दी।
उन्होंने बताया कि यह वार्षिक प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रतिवर्ष मानसून से पहले आयोजित किया जाता है ताकि मच्छरों के मौसम में मच्छर जनित बीमारियों से क्षेत्र की जनता को बचाया जा सके।
इस मौके पर क्षेत्र की कीट वैज्ञानिक शालिनी कोली एवं अन्य प्रवक्ता द्वारा एक-एक प्रेजेंटेशन के माध्यम से आए हुए अध्यापकों को शिक्षित किया गया।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में मच्छरों के विभिन्न मॉडल एवं डेंगू में इस्तेमाल की जाने वाली दवाइयां और मशीनों की प्रदर्शनी भी लगाई गई।
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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी

