एमसीडी की वित्तीय स्थिति सुदृढ़, एक वर्ष में रिकॉर्ड 14,549 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जितः सत्या शर्मा
नई दिल्ली, 16 जून (हि.स.)। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की वित्तीय स्थिति को लेकर स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने कहा कि भाजपा की ट्रिपल इंजन सरकार बनने के बाद एमसीडी ने वित्तीय प्रबंधन, राजस्व संग्रहण और संसाधनों के बेहतर उपयोग के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं।
स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा ने मंगलवार को सिविक सेंटर में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में एमसीडी ने अपने इतिहास का सर्वाधिक 14,549.06 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है, जो अब तक किसी भी वर्ष में प्राप्त सबसे अधिक आय है।
सत्या शर्मा ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में दिल्ली की जनता लगातार सुनती रही कि एमसीडी आर्थिक संकट से गुजर रही है, कर्मचारियों के वेतन के लिए धन नहीं है, विकास कार्य प्रभावित हैं और निगम संसाधनों की कमी से जूझ रहा है। लेकिन आज उपलब्ध आंकड़े साबित करते हैं कि समस्या संसाधनों की नहीं, बल्कि प्रबंधन और प्राथमिकताओं की थी।
उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में जब दिल्ली सरकार और एमसीडी दोनों में आम आदमी पार्टी का शासन था, तब निगम की कुल आय 12,406.75 करोड़ रुपये थी। वहीं भाजपा की ट्रिपल इंजन सरकार बनने के बाद वर्ष 2025-26 में यह बढ़कर 14,549.06 करोड़ रुपये पहुंच गई। एक वर्ष में निगम की कुल आय में 2,142.31 करोड़ रुपये अथवा 17.27 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
उन्होंने कहा कि यह वृद्धि केवल किसी एक स्रोत से प्राप्त अतिरिक्त राजस्व का परिणाम नहीं है, बल्कि लगभग सभी प्रमुख आय स्रोतों में सुधार का नतीजा है।
सत्या शर्मा ने बताया कि दिल्ली सरकार से प्राप्त होने वाले राजस्व और अनुदान में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2024-25 में एमसीडी को दिल्ली सरकार से 2,983.87 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे, जो वर्ष 2025-26 में बढ़कर 3,309.82 करोड़ रुपये हो गए। इसे 325.95 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि निगम को प्राप्त हुई।
उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी उपलब्धि निगम की अपनी आय में हुई रिकॉर्ड वृद्धि है। वर्ष 2024-25 में एमसीडी का आंतरिक राजस्व 9,400.20 करोड़ रुपये था, जो वर्ष 2025-26 में बढ़कर 11,239.24 करोड़ रुपये हो गया। यानी निगम की अपनी कमाई में 1,839.04 करोड़ रुपये अथवा 19.56 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
सत्या शर्मा ने बताया कि संपत्ति कर और संपत्ति हस्तांतरण शुल्क निगम की आय के सबसे बड़े स्रोत बने हुए हैं। वर्ष 2025-26 में संपत्ति कर से 3,113.07 करोड़ रुपये तथा संपत्ति हस्तांतरण शुल्क से 3,758.59 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। इसके अलावा विज्ञापन से 441.30 करोड़ रुपये, कार पार्किंग से 166.18 करोड़ रुपये तथा सिविक सेंटर के सी-ब्लॉक की लीज से 182.71 करोड़ रुपये की आय हुई।
उन्होंने कहा कि विज्ञापन राजस्व में 22.82 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2024-25 में जहां विज्ञापन से 359.32 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे, वहीं वर्ष 2025-26 में यह बढ़कर 441.30 करोड़ रुपये हो गया। सिविक सेंटर के सी-ब्लॉक की लीज से होने वाली आय 75.23 करोड़ रुपये से बढ़कर 182.71 करोड़ रुपये पहुंच गई, जो 142.87 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि यह भाजपा शासन द्वारा निगम की परिसंपत्तियों के बेहतर प्रबंधन और उपयोग का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
स्थायी समिति अध्यक्ष ने कहा कि आम आदमी पार्टी के शासनकाल में निगम की आर्थिक स्थिति को लेकर लगातार संकट की बात की जाती थी और हर समस्या के लिए अन्य संस्थाओं को जिम्मेदार ठहराया जाता था। एमसीडी में भाजपा ने बहाने बनाने के बजाय व्यवस्था सुधारने का काम किया। राजस्व संग्रहण को मजबूत किया गया, कर प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाया गया, परिसंपत्तियों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया गया और आय के नए स्रोत विकसित किए गए।
सत्या शर्मा ने कहा कि आज एमसीडी अपने इतिहास के सबसे मजबूत वित्तीय दौर में खड़ी है। मजबूत वित्तीय स्थिति के कारण निगम सफाई व्यवस्था में सुधार, लैंडफिल साइटों के निस्तारण, पार्कों के विकास, सड़कों और गलियों के रखरखाव, जनस्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार तथा आधुनिक नागरिक सुविधाओं को विकसित करने के लिए पहले से अधिक संसाधनों के साथ कार्य कर रहा है।
उन्होंने कहा कि भाजपा की ट्रिपल इंजन सरकार ने यह सिद्ध कर दिया है कि प्रबंधन प्रभावी हो और सरकारों के बीच समन्वय हो, तो किसी भी संस्था को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि निगम का लक्ष्य केवल राजस्व बढ़ाना नहीं, बल्कि प्रत्येक रुपये का उपयोग दिल्लीवासियों को बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने में करना है।
सत्या शर्मा ने निगम के अधिकारियों, कर्मचारियों, करदाताओं और दिल्लीवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में भी एमसीडी को अधिक आत्मनिर्भर, आधुनिक और जनोन्मुखी बनाने के लिए प्रयास जारी रहेंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी

