महापौर ने एंटी-स्मॉग गन से लैस 12 मल्टी-पर्पज वाहनों को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

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महापौर ने एंटी-स्मॉग गन से लैस 12 मल्टी-पर्पज वाहनों को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना


महापौर ने एंटी-स्मॉग गन से लैस 12 मल्टी-पर्पज वाहनों को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना


नई दिल्ली, 13 अक्टूबर (हि.स.)। दिल्ली के महापौर प्रवेश वाही ने मंगलवार को सिविक सेंटर स्थित दिल्ली नगर निगम मुख्यालय से एंटी-स्मॉग गन, वाटर स्प्रिंकलर और जेटिंग व्यवस्था से लैस 12 नवनिर्मित ट्रक-माउंटेड मल्टी-पर्पज वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। प्रत्येक वाहन में 7,000 लीटर क्षमता का पानी का टैंक है। ये वाहन धूल प्रदूषण को नियंत्रित करने, शहर के पर्यावरण में सुधार लाने और विभिन्न नागरिक सुविधाओं से संबंधित कार्यों को अधिक प्रभावी ढंग से करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

इस अवसर पर महापौर प्रवेश वाही ने कहा कि दिल्ली नगर निगम आधुनिक मशीनरी के उपयोग के माध्यम से दिल्ली की वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए निरंतर प्रयासरत है। यह पहल राजधानी में धूल प्रदूषण को नियंत्रित करने, स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत बनाने और पर्यावरण संरक्षण के लिए आधुनिक तकनीक अपनाने की निगम की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

महापौर ने कहा कि ये 12 मल्टी-पर्पज वाहन वायु में मौजूद धूल के कणों को नियंत्रित करने, सड़कों को स्वच्छ रखने और नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाने के प्रयासों को और मजबूती प्रदान करेंगे। इन वाहनों की बहुउपयोगी व्यवस्था से सड़कों की धुलाई, नालियों की जेटिंग और सार्वजनिक शौचालयों की सफाई जैसे कार्य भी अधिक प्रभावी ढंग से किए जा सकेंगे।

उन्होंने कहा कि नवनिर्मित वाहन सड़कों की धूल, निर्माण गतिविधियों और अन्य स्रोतों से उत्पन्न होने वाले धूल कणों एवं पार्टिकुलेट मैटर को नियंत्रित करने में सहायक होंगे। इससे निगम द्वारा पहले से किए जा रहे प्रदूषण नियंत्रण संबंधी प्रयासों को और मजबूती मिलेगी। एंटी-स्मॉग गन और वाटर स्प्रिंकलर के अतिरिक्त, इन वाहनों में छोटी ढकी हुई नालियों और पुलियों में होने वाली रुकावटों को दूर करने के लिए जेटिंग व्यवस्था तथा सार्वजनिक शौचालयों की सफाई, सामान्य धुलाई और पानी के छिड़काव के लिए वॉशिंग गन भी उपलब्ध हैं। इनकी बहुउपयोगी प्रकृति से निगम विभिन्न आवश्यक नागरिक रखरखाव कार्यों को अधिक कुशलता से संपन्न कर सकेगा।

इन वाहनों का संचालन व्यापक परिचालन एवं रखरखाव (ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस-ओएंडएम) मॉडल के तहत किया जाएगा, ताकि इनका सुचारु संचालन, नियमित रखरखाव और अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। मशीनों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए तृतीय-पक्ष निरीक्षण तथा आईआईटी दिल्ली के माध्यम से गुणवत्ता जांच की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक वाहन की लागत 35.06 लाख रुपये है तथा इनका अनुमानित उपयोगी जीवनकाल 15 वर्ष है। ये वाहन प्रदूषण नियंत्रण और स्वच्छता संबंधी पहलों को दीर्घकालिक मजबूती प्रदान करेंगे।

इस दौरान उपमहापौर डॉ. मोनिका पंत, स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा, सदन के नेता जय भगवान यादव, स्थायी समिति के उपाध्यक्ष सत्यपाल सिंह, डेम्स समिति के अध्यक्ष संदीप कपूर, शिक्षा समिति के अध्यक्ष योगेश वर्मा, अपर आयुक्त अरुण कुमार मिश्रा तथा निगम के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी

Livevns.news Desk
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