(लीड़) अंबेडकर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल हुए दिल्ली के उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री

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(लीड़) अंबेडकर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल हुए दिल्ली के उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री


(लीड़) अंबेडकर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल हुए दिल्ली के उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री


नई दिल्ली, 14 मई (हि.स.)। दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता गुरुवार को डॉ. बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय के 14वें वार्षिक दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित इस समारोह में दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद, विश्वविद्यालय के कुलपति सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी, शोधार्थी, शिक्षक और अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

इस दौरान विश्वविद्यालय के न्यूजलेटर एवं रिसर्च कम्पेंडियम का विमोचन भी किया गया, जो संस्थान की शैक्षणिक प्रगति का जीवंत दस्तावेज है। आधुनिकता की ओर कदम बढ़ाते हुए डिग्री स्क्रॉल को डिजीलॉकर पर अपलोड करने की औपचारिक प्रक्रिया भी पूरी की गई।

उपराज्यपाल ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले 17 वर्षों में अंबेडकर विश्वविद्यालय ने सामाजिक विज्ञान, मानविकी और जनसरोकारों के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। वर्ष 2008 में एक डिप्लोमा कार्यक्रम से शुरू हुई यह संस्था आज विभिन्न विषयों में अनेक शैक्षणिक पाठ्यक्रम संचालित कर रही है।

उपराज्यपाल ने कहा कि दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों के जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव होता है, जो एक शैक्षणिक यात्रा के समापन और नई जिम्मेदारियों की शुरुआत का प्रतीक है। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, शोध कार्यों को बढ़ावा देने, भारतीय ज्ञान परंपरा के संवर्धन, ग्रामीण उद्यमिता, मानसिक स्वास्थ्य एवं छात्र सहायता से जुड़े प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि शिक्षा को समाज, नवाचार और भविष्य की आवश्यकताओं से जोड़ना समय की आवश्यकता है।

उपराज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में शिक्षा को राष्ट्रनिर्माण का आधार बनाया जा रहा है। आज जब दुनिया तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और बदलती आर्थिक परिस्थितियों से गुजर रही है, तब भारत की सबसे बड़ी शक्ति उसकी युवा आबादी है।

उपराज्यपाल ने विश्वविद्यालयों से बहुविषयक शिक्षा, शोध, उद्यमिता, व्यावसायिक प्रशिक्षण और उद्योगों के साथ सहयोग को बढ़ावा देने का आह्वान किया। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने करियर के साथ नेतृत्व, संवेदनशीलता, सत्यनिष्ठा और समाज सेवा की भावना को भी अपनाएं तथा चुनौतियों और असफलताओं से भयभीत हुए बिना आगे बढ़ें।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में मेडल एवं डिग्री प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्यालय ने 19 विद्यार्थियों से अपनी यात्रा शुरू कर आज 6,000 से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंच बनाई है। यह विश्वविद्यालय वर्षों से बाबा साहेब के विचारों को आत्मसात करते हुए विद्यार्थियों में सामाजिक चेतना, संवेदनशीलता, समानता और राष्ट्रनिर्माण की भावना विकसित कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि विद्यार्थियों के अथक परिश्रम, अनुशासन, समर्पण और दृढ़ संकल्प का परिणाम है। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल डिग्री प्राप्त करने का अवसर नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति नई जिम्मेदारियों के संकल्प का भी महत्वपूर्ण क्षण होता है।

दिल्ली के शिक्षा मंत्री ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि शिक्षा व्यक्ति और राष्ट्र को बदलने की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने कहा कि तकनीक, एआई और वैश्विक चुनौतियों के दौर में युवाओं को केवल डिग्री नहीं, बल्कि निरंतर सीखने, नवाचार, जिम्मेदार नागरिकता, धैर्य, संवेदनशीलता और ईमानदारी के साथ आगे बढ़ना होगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव

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