(लीड) मुख्यमंत्री ने बुराड़ी में एटीएस का किया उद्घाटन, एक अक्टूबर से पीयूसी से संबंधित प्रवर्तन व्यवस्था होगी लागू
नई दिल्ली, 26 सितंबर (हि.स.)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत शनिवार को बुराड़ी में स्वचालित प्रशिक्षण केंद्र (एटीएस) का उद्घाटन किया। इस एटीएस की प्रतिवर्ष 90,000 वाहनों की फिटनेस टेस्टिंग क्षमता है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र जारी करने वाले पीयूसी केंद्रों की व्यवस्था को भी अधिक प्रभावी और विश्वसनीय बनाया जाएगा। दिल्ली में एक अक्टूबर से वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसी) से संबंधित प्रवर्तन व्यवस्था को लागू किया जाएगा। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के सांसद मनोज तिवारी, दिल्ली के परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बुराड़ी एटीएस में 40,000 भारी मोटर वाहनों और 60,000 हल्के मोटर वाहनों की वार्षिक जांच की जा सकेगी। यह पांच-लेन वाला आधुनिक एटीएस केंद्र वाहनों की फिटनेस जांच को वैज्ञानिक, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यहां वाहनों की फिटनेस का परीक्षण पूरी तरह स्वचालित प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा। इसमें ब्रेक दक्षता, सस्पेंशन प्रदर्शन, हेडलाइट की स्थिति, साइड-स्लिप, उत्सर्जन स्तर और वाहन के निचले हिस्से की जांच सहित विभिन्न मानकों का परीक्षण किया जाएगा। इससे पहले 3 सितंबर को तेखंड में प्रतिवर्ष लगभग 72,000 वाहनों की फिटनेस जांच क्षमता वाले ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन का शुभारंभ किया गया था।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण के समाधान के लिए केवल सर्दियों में किए जाने वाले अस्थायी उपाय पर्याप्त नहीं हैं। सरकार ने प्रदूषण नियंत्रण को पूरे वर्ष चलने वाली निरंतर प्रक्रिया के रूप में लिया है और परिवहन, हरित क्षेत्र के विस्तार, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, कचरा प्रबंधन तथा तकनीक आधारित निगरानी सहित विभिन्न क्षेत्रों में एक साथ काम किया जा रहा है। प्रदूषण किसी एक सीमा तक सीमित नहीं रहता और दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता कई क्षेत्रों से प्रभावित होती है, लेकिन दिल्ली में प्रदूषण कम करने के लिए आवश्यक ठोस कदम उठाना सरकार की जिम्मेदारी है। इसी सोच के तहत वाहन फिटनेस जांच व्यवस्था को आधुनिक बनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र जारी करने वाले पीयूसी केंद्रों की व्यवस्था को भी अधिक प्रभावी और विश्वसनीय बनाया जाएगा। दिल्ली में एक अक्टूबर से वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र से संबंधित प्रवर्तन व्यवस्था को लागू किया जाएगा। इसके साथ ही पीयूसी केंद्रों की निगरानी और व्यवस्था को तकनीक से मजबूत करने पर भी काम किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य केवल प्रदूषण की समस्या पर चर्चा करना नहीं, बल्कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए ठोस, दीर्घकालिक और प्रभावी कदम उठाना है। सरकार का प्रयास है कि परिवहन व्यवस्था स्वच्छ भी हो, सुरक्षित भी हो और तकनीक से सक्षम भी हो। वाहन फिटनेस जांच को मजबूत करना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, क्योंकि सड़क पर चलने वाले वाहनों की निर्धारित फिटनेस और उत्सर्जन मानकों का पालन सुनिश्चित करना स्वच्छ हवा और सुरक्षित परिवहन व्यवस्था के लिए आवश्यक है।
परिवहन मंत्री सिंह ने कहा कि एटीएस की शुरुआत दिल्ली की वाहन फिटनेस जांच व्यवस्था को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। नंद नगरी, तेखंड और बुराड़ी में एटीएस शुरू होने से दिल्ली में ऑटोमेटेड वाहन टेस्टिंग की कुल क्षमता सालाना 2.5 लाख से अधिक वाहनों की हो गई है। इससे कमर्शियल वाहनों को घर के नजदीक आधुनिक फिटनेस जांच की सुविधा मिलेगी। बुराड़ी एटीएस को रिकॉर्ड एक वर्ष में तैयार किया गया है और करीब 1,00,000 वाहनों की वार्षिक क्षमता के साथ यह देश के अधिक क्षमता वाले ऑटोमेटेड टेस्टिंग सेंटरों में शामिल है। मुख्यमंत्री गुप्ता के मार्गदर्शन में दिल्ली सरकार सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीक आधारित परिवहन व्यवस्था के निर्माण के लिए लगातार काम कर रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव

