दिल्ली में आयुर्वेद और आयुष में कौशल विकास को बढ़ावा देने को लेकर समझौता
नई दिल्ली, 25 मई (हि.स.)। कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) के अंतर्गत आने वाले हेल्थकेयर सेक्टर स्किल काउंसिल (एचएसएससी) ने चौधरी ब्रह्म प्रकाश आयुर्वेद चरक संस्थान (सीबीपीएसीएस) के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस साझेदारी का मकसद एचएसएससी-सब-काउंसिल ऑन आयुष की देखरेख में आयुर्वेद और इससे जुड़ी पारंपरिक स्वास्थ्य देखभाल पद्धतियों में व्यावसायिक प्रशिक्षण, प्रमाणन और कार्यबल विकास को बढ़ावा देना है। यह समझौता दिल्ली के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह की मौजूदगी में संपन्न हुआ।
इस सहयोग का उद्देश्य आयुष के प्रमुख क्षेत्रों—जैसे आयुर्वेद आहार एवं पोषण, क्षारकर्म, आयुर्वेद डाइट, योग वेलनेस ट्रेनर, आयुर्वेद मसाज थेरेपिस्ट, पंचकर्म असिस्टेंट और पंचकर्म तकनीशियन आदि में 'राष्ट्रीय कौशल योग्यता फ्रेमवर्क' (एनएसक्यूएफ) के अनुरूप विशेष कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए एक मजबूत ढांचा तैयार करना है।
हेल्थकेयर सेक्टर स्किल काउंसिल (एचएसएससी) के जरूरत के हिसाब से कौशल विकास प्रणाली को सीबीपीएसीएस की क्लिनिकल विशेषज्ञता और शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ जोड़ते हुए यह पहल पारंपरिक शिक्षा प्रणाली के साथ उद्योग की बदलती जरूरत के बीच सेतु का काम करेगी। यह साझेदारी आयुष क्षेत्र में कौशल-आधारित शिक्षा को स्टैंडर्डाइजड करने के साथ-साथ रोजगार, उद्यमिता और व्यावसायिक प्रमाणन के लिए स्थाई अवसरों के निर्माण पर भी ध्यान केंद्रित करेगी।
मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि आयुष क्षेत्र भारत के समृद्ध पारंपरिक ज्ञान परंपरा और स्वास्थ्य सेवा की उभरती जरूरतों का अनूठा संगम है। इस क्षेत्र में कौशल विकास को मजबूत करना एक सक्षम कार्यबल तैयार करने के लिए बेहद जरूरी है, जो गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य और वेलनेस सेवाएं प्रदान कर सके। एचएसएससी और सीबीपीएसीएस के बीच यह सहयोग एक दूरदर्शी पहल है, जो युवाओं को जरूरतों के अनुरूप कौशल प्रदान कर उनकी रोजगार क्षमता को बढ़ाएगा और ‘स्किल इंडिया मिशन’ के व्यापक उद्देश्यों को आगे बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी आयुष इकोसिस्टम के भीतर व्यवस्थित कौशल विकास को संस्थागत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण, सर्टिफिकेशन और प्लेसमेंट सहायता पर विशेष बल देते हुए यह पहल पारंपरिक स्वास्थ्य सेवाओं में कुशल मानव संसाधन तैयार करने के साथ रोजगार के स्थाई अवसरों के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देगी, जो 'स्किल इंडिया मिशन' के विजन के अनुरूप है।
मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि यह पहल हमारी सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके तहत स्वास्थ्य सेवा क्षमताओं को और अधिक मजबूत बनाने, कौशल आधारित रोजगार को बढ़ावा देने और पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों के माध्यम से समग्र स्वास्थ्य कल्याण को आगे बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव

