दिल्ली सचिवालय में गोवा और तेलंगाना दिवस के परिप्रेक्ष्य में भव्य कार्यक्रम का आयोजन

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दिल्ली सचिवालय में गोवा और तेलंगाना दिवस के परिप्रेक्ष्य में भव्य कार्यक्रम का आयोजन


नई दिल्ली, 02 जून (हि.स.)। दिल्ली सचिवालय में मंगलवार को गोवा दिवस एवं तेलंगाना दिवस के परिप्रेक्ष्य में भव्य कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस अवसर पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए दोनों राज्यों की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, आर्थिक प्रगति और राष्ट्रीय विकास में योगदान की सराहना की।

उल्लेखनीय है कि गोवा दिवस 30 मई और तेलंगाना दिवस 2 जून है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गोवा राज्य अपनी प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है, साथ ही तेलंगाना राज्य आईटी, फार्मास्यूटिकल्स, नवाचार और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों की उपलब्धियां भारत की विविधता, प्रतिभा और विकास क्षमता का उत्कृष्ट उदाहरण हैं तथा देश के गौरव को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रही हैं।

आयोजन में गोवा की सांस्कृतिक विरासत को दर्शाते हुए मछुआरों के प्रसिद्ध फिशर डांस तथा तेलंगाना के लोक नृत्य द्वारा देवी भक्ति और आधुनिक फ्यूजन शैली से सुसज्जित मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं। इन नृत्य प्रस्तुतियों की उपस्थित दर्शकों ने सराहना की।

कला, संस्कृति एवं भाषा मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प की दिशा में दिल्ली में विभिन्न राज्यों के स्थापना दिवसों का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इन आयोजनों के माध्यम से देश के विभिन्न राज्यों की संस्कृति, परंपराओं, कला और उपलब्धियों को एक मंच पर प्रस्तुत कर राष्ट्रीय एकता को मजबूत किया जा रहा है।

मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में गोवा की लोक कलाओं, पारंपरिक संगीत, नृत्य, समुद्री संस्कृति और विरासत स्थलों को बढ़ावा देने के साथ-साथ पर्यटन एवं सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से उसकी वैश्विक पहचान और मजबूत हुई है। वहीं, तेलंगाना की समृद्ध लोक परंपराओं, बथुकम्मा जैसे सांस्कृतिक उत्सवों, हस्तशिल्प और ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित एवं प्रोत्साहित करने के लिए अनेक पहलें की गई हैं। गोवा और तेलंगाना की सांस्कृतिक उपलब्धियां आज भारत की विविधता, परंपरा और आधुनिक विकास के समन्वय का सशक्त उदाहरण बनकर उभरी हैं। राज्य दिवस पर कला, संस्कृति एवं भाषा विभाग की ओर से साहित्य कला परिषद ने कार्यक्रम का आयोजन किया। आयोजन में बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव

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