पूर्वी दिल्ली में भाजपा की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा, 20 हजार से अधिक कार्यकर्ता हुए शामिल

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पूर्वी दिल्ली में भाजपा की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा, 20 हजार से अधिक कार्यकर्ता हुए शामिल


नई दिल्ली, 04 नवंबर (हि.स.)। पूर्वी दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा बुधवार को ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा का आयोजन किया गया। केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा के नेतृत्व में करकड़ी मोड़ से निर्माण विहार तक निकाली गई इस पदयात्रा में 20 हजार से अधिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इस दौरान भाजपा नेताओं ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाने, चुनाव आयोग के खिलाफ बिना प्रमाण आरोप लगाने और राजनीतिक आंदोलनों के माध्यम से अराजकता फैलाने का आरोप लगाया।

विकास मार्ग पर आयोजित पदयात्रा के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस और विपक्षी दलों की राजनीति के विरोध में नारे लगाए तथा लोगों के बीच पर्चे वितरित कर पार्टी का पक्ष रखा। भाजपा नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा की रक्षा के लिए जनजागरण आवश्यक है।

केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि कांग्रेस और विपक्षी दल चुनाव आयोग के खिलाफ लगातार आरोप लगा रहे हैं, लेकिन उनके पास कोई ठोस प्रमाण नहीं है। यदि उन्हें आयोग की कार्यप्रणाली पर आपत्ति है, तो उन्हें लोकतांत्रिक और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत अपनी बात रखनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष राजनीतिक प्रदर्शन और दबाव की राजनीति के माध्यम से संवैधानिक संस्थाओं को विवादों में घसीटने का प्रयास कर रहा है।

मेघवाल ने कहा कि चुनाव आयोग से मिलने के लिए बड़ी संख्या में सांसदों को ले जाने और इसके बाद राष्ट्रपति भवन तक पैदल मार्च करने के बावजूद विपक्ष अपने आरोपों के समर्थन में कोई ठोस प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सका। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध और असहमति का अधिकार सभी को है, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करना और उन पर अनुचित दबाव बनाना स्वीकार्य नहीं है।

उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा पटना में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनके स्वर्गीय पिता के विरुद्ध की गई कथित अभद्र टिप्पणी की भी आलोचना की। मेघवाल ने कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन किसी के परिवार और दिवंगत परिजनों के प्रति अभद्र भाषा का इस्तेमाल भारतीय राजनीतिक संस्कृति के विरुद्ध है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के प्रति जनता का विश्वास ऐसी टिप्पणियों से कमजोर नहीं होने वाला है। भाजपा लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और अराजकता फैलाने वाली राजनीति के विरोध में जनता के बीच जा रही है।

केंद्रीय राज्य मंत्री एवं दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने राहुल गांधी को संसद में बहस करने की चुनौती देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार विपक्ष के हर सवाल पर चर्चा करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और राहुल गांधी अराजकता के पर्याय बन चुके हैं। जनता को गुमराह करने के बजाय कांग्रेस को अपने राजनीतिक अस्तित्व पर आत्ममंथन करना चाहिए।

मल्होत्रा ने कहा कि भाजपा कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के कार्यकाल में हुए भ्रष्टाचार, 1984 के सिख नरसंहार और एफआईआर सहित विभिन्न मुद्दों पर संसद में चर्चा करने को तैयार है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस घुसपैठियों को अपने वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करती रही है और इसी कारण निर्वाचन आयोग की कार्रवाई का विरोध कर रही है।

उन्होंने राहुल गांधी से सवाल किया कि पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, बिहार और तमिलनाडु जैसे राज्यों में कांग्रेस लंबे समय से सत्ता से बाहर है। क्या इन राज्यों में पार्टी की लगातार राजनीतिक पराजय का कारण भी वोट चोरी है?

मल्होत्रा ने कहा कि ईवीएम की व्यवस्था कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के समय लागू हुई थी। जब कांग्रेस चुनाव जीतती है तो ईवीएम सही होती है, लेकिन हारने पर बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की जाती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और राहुल गांधी की राजनीति संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता को कमजोर करने और जनता को गुमराह करने तक सीमित रह गई है।

दिल्ली भाजपा प्रभारी विनय सहस्रबुद्धे ने कहा कि भाजपा केवल सत्ता में बने रहने के लिए राजनीति नहीं करती, बल्कि देश के लोकतंत्र, संवैधानिक संस्थाओं और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए जनजागरण भी करती है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का राजनीतिक एजेंडा हमेशा वोट बैंक को बचाना रहा है। इसी राजनीति के कारण देश को वर्षों तक नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने अनुच्छेद 370 और तीन तलाक के मुद्दों का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस ने राजनीतिक स्वार्थ को प्राथमिकता दी।

सहस्रबुद्धे ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) एक कानूनी और संवैधानिक प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध एवं पारदर्शी बनाना है। लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती के लिए मतदाता सूची में केवल पात्र भारतीय नागरिकों के नाम होने चाहिए।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता संसद में चर्चा करने से बचते हैं और सड़कों पर निर्णय लेने की बात करते हैं। देश के महत्वपूर्ण निर्णय संसद के भीतर होने चाहिए और उसकी गरिमा बनाए रखना सभी का दायित्व है। भाजपा लोकतंत्र की रक्षा, एसआईआर के समर्थन और अराजकता फैलाने वाले तत्वों के विरोध में जनजागरण अभियान चला रही है।

पदयात्रा में दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा, प्रदेश महामंत्री विष्णु मित्तल, उपाध्यक्ष विजय सोलंकी एवं ललित जोशी, प्रदेश महामंत्री योगिता सिंह और मोहनलाल गिहारा सहित विभिन्न जिलों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए।

इस अवसर पर विधायक मोहन सिंह बिष्ट, अभय वर्मा, अरविंदर सिंह लवली, ओमप्रकाश शर्मा, जितेंद्र महाजन, संजय गोयल, अनिल गोयल, रवि नेगी एवं रविकांत उज्जैनवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

निगम स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा, उपमहापौर डॉ. मोनिका पंत, डेमस अध्यक्ष संदीप कपूर और विभिन्न जिलों के अध्यक्षों सहित भाजपा के प्रदेश एवं जिला पदाधिकारियों ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।

भाजपा नेताओं ने कहा कि पदयात्रा में कार्यकर्ताओं की भारी भागीदारी लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और अराजकता के विरोध में पार्टी की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी

Livevns.news Desk
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