डूसू चुनाव के लिए जारी गाइडलाइंस, प्रिंटेड सामग्री पर रहेगी पूरी तरह से रोक

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डूसू चुनाव के लिए जारी गाइडलाइंस, प्रिंटेड सामग्री पर रहेगी पूरी तरह से रोक


नई दिल्ली, 17 जुलाई (हि.स.)। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव को लेकर विश्वविद्यालय प्रॉक्टर और उनकी टीम ने डूसू पदाधिकारियों और अलग-अलग छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक की।

प्रॉक्टर प्रो. मनोज कुमार सिंह ने बताया कि गुरुवार को प्रॉक्टर ऑफिस में आयोजित इस बैठक में दिल्ली उच्च न्यायालय और लिंगदोह कमेटी की गाइडलाइंस के अनुसार, डूसू चुनाव 2026 के संचालन और उससे जुड़े नियमों के बारे में सभी प्रतिनिधियों से चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि चर्चा के दौरान यह साफ तौर पर तय किया गया कि कैंपस और उसके आस-पास सार्वजनिक संपत्ति को खराब नहीं किया जाएगा और खंभों पर कोई भी होर्डिंग (प्रिंटेड और डिजिटल) या बैनर नहीं लगाए या लटकाए जाएंगे। प्रिंटेड सामग्री पर पूरी तरह से रोक है। सिर्फ़ हाथ से बनी सामग्री ही तय 'वॉल ऑफ डेमोक्रेसी' पर लगाने की इजाजत है। उन्होंने कहा कि आदेश में यह भी है कि दीवारों पर ब्लॉक-प्रिंटिंग या स्प्रे-पेंटिंग नहीं की जा सकती।

प्रॉक्टर प्रो. मनोज कुमार सिंह ने बताया कि बैठक के दौरान यह भी साफ कर दिया गया कि एमसीडी के विज्ञापन बोर्ड पर कोई भी फ्लेक्स पोस्टर नहीं लगाया जा सकता। उन्होंने कहा कि अगर अधिकारियों को ऐसा कोई डिस्प्ले मिलता है, तो प्रॉक्टर जरूरी कार्रवाई के लिए एमसीडी कमिश्नर को सूचित करेंगे।

उन्होंने बताया कि इसके अलावा, किसी भी गाड़ी पर उम्मीदवार के नाम वाले स्टिकर नहीं लगाए जाएंगे। इस संदर्भ में यह साफ किया गया कि चुनाव प्रचार के दौरान हर उम्मीदवार के लिए सिर्फ पांच कारों की इजाजत है और ट्रैक्टर, जेसीबी या जानवरों के इस्तेमाल की अनुमति नहीं है। टिंटेड शीशे वाली या छिपी हुई एवं बिना नंबर प्लेट वाली कारों पर सख़्त रोक है। अगर डीयू कैंपस में कोई अनधिकृत गाड़ी पार्क की जाती है, तो ट्रैफिक पुलिस के नियमों के अनुसार उसका चालान काटा जाएगा या उसे टो कर दिया जाएगा।

मनोज कुमार सिंह ने बताया कि उम्मीदवार के नाम वाले कोई भी तोहफे या यादगार चीजे नहीं बांटी जाएंगी। कैंपस में उम्मीदवार के नाम वाले कैनोपी, छाते आदि लगाने की इजाजत नहीं है। अगर ऐसी कोई सामग्री मिलती है, तो उम्मीदवार का नॉमिनेशन रद्द कर दिया जाएगा।

प्रॉक्टर ने साफ तौर पर कहा कि सार्वजनिक बैठकें करने के लिए पहले से सूचना देना जरूरी है ताकि प्रॉक्टर ऑफिस को जानकारी रहे और कैंपस में किसी भी तरह की अव्यवस्था या जाम से बचा जा सके, साथ ही अलग-अलग छात्र संगठनों की तारीखें आपस में न टकराएं। साथ ही, प्रचार के लिए कॉलेजों के अंदर सिर्फ पांच विद्यार्थियों को जाने की इजाजत होगी। लड़कियों के कॉलेज हॉस्टल में सिर्फ लड़कियों को ही जाने की अनुमति होगी।

प्रो. मनोज कुमार ने बताया कि इस बातों को लेकर सभी के बीच आपसी सहमति बनी और सभी ने इसके लिए पूरा सहयोग और समर्थन देने का भरोसा दिलाया। यही नियम कॉलेज प्रशासन को भी बताए जाएंगे। प्रॉक्टर ने बताया कि आचार संहिता पहले से ही लागू है।

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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी

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