डीयू में कुलपति ने “स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग” थीम पर अंतरराष्ट्रीय छात्रों संग मनाया योग दिवस

WhatsApp Channel Join Now
डीयू में कुलपति ने “स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग” थीम पर अंतरराष्ट्रीय छात्रों संग मनाया योग दिवस


नई दिल्ली, 18 जून (हि.स.)। दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) और इंडियन काउंसिल फॉर कल्चरल रिलेशंस (आईसीसीआर) ने गुरुवार को डीयू के वाइस रीगल लॉज स्थित कन्वेंशन हॉल में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर डीयू कुलपति प्रो. योगेश सिंह और अन्य अतिथियों ने अंतरराष्ट्रीय छात्रों के साथ सामूहिक योग किया।

“स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग” थीम पर आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर आईसीसीआर की महानिदेशक के. नंदिनी सिंगला उपस्थित रही जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता डीयू कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने की।

इस अवसर पर अपने संबोधन में कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने कहा कि ‘योग’ मानवता को भारत की एक महानतम देन है। भारत ने विश्व को बहुत से तोहफे दिये हैं, इनमें सबसे विशेष योग, आयुर्वेद और वसुधैव कुटुंबकम की भावना आदि सर्वोपरि हैं। उन्होंने कहा कि योग केवल एक फिजिकल प्रेक्टिस ही नहीं है, बल्कि यह शरीर, मन, बुद्धि और आत्मा का संयोजन है।

कुलपति ने कहा कि खुशी और स्वास्थ्य ये जीवन के दो महत्वपूर्ण पहलू हैं। इसका एकमात्र प्रभावी समाधान और तरीका योग ही है।

इस अवसर पर आईसीसीआर की महानिदेशक के. नंदिनी सिंगला ने कहा कि डीयू और आईसीसीआर पहली बार संयुक्त रूप से योग दिवस मना रहे हैं। उन्होंने बताया कि डीयू में 500 आईसीसीआर स्कॉलर हैं। इसलिए दिल्ली विश्वविद्यालय के द्वारा इन विद्यार्थियों के माध्यम से हम दुनिया के अनेकों देशों तक योग पहुंचा रहे हैं।

आईसीसीआर महानिदेशक के. नंदिनी सिंगला ने दिग्गज व्यापारी व ट्विटर के मालिक एलन मस्क द्वारा दो महीने पहले साेशल मीडिया प्लेटफार्म इंस्टाग्राम पर किए गए एक ट्वीट का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने कहा है, “यदि आप खुश और स्वस्थ नहीं हैं तो खरबपति होना कोई मायने नहीं रखता”। नंदिनी सिंगला ने इस आयोजन के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय का आभार प्रकट किया।

इस अवसर पर डीन ऑफ कॉलेजेज प्रो. बलराम पाणी और डीयू दक्षिणी परिसर की निदेशक प्रो. रजनी अब्बी सहित डीयू एवं आईसीसीआर के अनेकों अधिकारी तथा डीयू में पढ़ने वाले हजारों विदेशी विद्यार्थी उपस्थित रहे।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी

Share this story