एसआईआर में नोटिस जारी होना सामान्य प्रक्रिया : प्रवेश साहिब सिंह
नई दिल्ली, 22 सितंबर (हि.स.)। दिल्ली के लोक निर्माण विभाग के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने मंगलवार को कहा कि विशेष सघन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची या दस्तावेजों में जानकारी अधूरी या कमी होने पर निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) की ओर से नोटिस जारी होना एक सामान्य प्रक्रिया है।
सिंह ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति की मतदाता सूची में जानकारी अधूरी है या उसके दस्तावेजों में कोई कमी रह गई है, तो ईआरओ उसे नोटिस जारी कर संबंधित जानकारी या दस्तावेज मांगा जाता है। जानकारी उपलब्ध कराने के बाद पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची में शामिल किया जाता है।
मंत्री ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि कई संगठन और विपक्षी दल बार-बार एसआईआर प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं। चुनाव आयोग उन सभी लोगों को नोटिस जारी कर रहा हैं, जिनकी जानकारी मतदाता सूची या उनके दस्तावेजों में अधूरी है। अगर दस्तावेजों में कोई कमी होती है, तो उनसे उसके बारे में पूछा जाता है। यह एक बहुत ही सामान्य प्रक्रिया है। लेकिन आम आदमी पार्टी (आआपा) और उनसे जुड़े संगठन इस पर सवाल उठा रहे हैं। इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है और उस पर सुनवाई होनी है। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली में आम लोगों से लेकर वीआईपी तक को एसआईआर के तहत नोटिस जारी किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से काम कर रहा है। अगर किसी मतदाता को लगता है कि एसआईआर प्रक्रिया में उनका नाम छूट रहा है, तो उन्हें नोटिस का उचित जवाब देने का मौका दिया जाता है। जिन लोगों को नोटिस मिला है, वे 30 सितंबर तक ईआरओ को जवाब दे सकते हैं। 29 अक्टूबर तक उनके जवाब की जांच की जाएगी। अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर को जारी होगी।
मंत्री ने कहा कि उसके बाद भी अगर किसी का नाम छूट जाता है, तो वे इस प्रक्रिया के तहत आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने आम आदमी पार्टी (आआपा), कांग्रेस और उनसे जुड़े गैर-सरकारी संगठनों से अपील की कि वे एसआईआर को लेकर लोगों के बीच ऐसी स्थिति पैदा न करें जिससे उनका चुनाव आयोग पर से भरोसा उठे।
उल्लेखनीय है कि दिल्ली में एसआईआर के तहत लगभग 33.1 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं। इन मतदाताओं की मतदान केंद्र-वार सूची और नोटिस जारी किए जाने के कारण दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव

