दिल्ली में जल प्रबंधन होगा स्मार्ट, प्रवेश साहिब सिंह ने किया इंटेलिजेंट कमांड सेंटर का उद्घाटन

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दिल्ली में जल प्रबंधन होगा स्मार्ट, प्रवेश साहिब सिंह ने किया इंटेलिजेंट कमांड सेंटर का उद्घाटन


नई दिल्ली, 14 अक्टूबर (हि.स.)। दिल्ली में जल आपूर्ति व्यवस्था को आधुनिक और प्रभावी बनाने के लिए जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने बुधवार को शिवाजी मार्ग स्थित जेडब्ल्यूआईएल की इंफ्रा लिमिटेड के कार्यालय में इंटेलिजेंट कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने विशेष उपकरणों से लैस इमरजेंसी रिस्पॉन्स वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन पहलों से पाइपलाइन में लीकेज का जल्द पता लगाने, पानी की बर्बादी रोकने और जल आपूर्ति संबंधी शिकायतों पर तेजी से कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।

कमांड सेंटर के माध्यम से जल आपूर्ति नेटवर्क की निगरानी, रखरखाव, उपभोक्ताओं की शिकायतों और फील्ड ऑपरेशन से संबंधित जानकारियां एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगी। इससे अधिकारियों को जल आपूर्ति व्यवस्था की स्थिति पर नजर रखने, संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करने और मरम्मत कार्यों में तेजी लाने में सहायता मिलेगी।

इस अवसर पर प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि जल प्रबंधन का अर्थ केवल पानी की आपूर्ति करना नहीं है, बल्कि पानी की बर्बादी रोकना, समस्याओं का समय रहते पता लगाना और पाइपलाइन में लीकेज या अन्य बाधाओं के कारण लोगों को होने वाली परेशानी को कम करना भी है। तकनीक का वास्तविक लाभ तभी है, जब उसका असर दिल्लीवासियों के रोजमर्रा के जीवन में दिखाई दे।

उन्होंने बताया कि आईसीसीसी प्लेटफॉर्म पर एससीएडीए सिस्टम, जियोग्राफिक इन्फॉर्मेशन सिस्टम (जीआईएस), स्मार्ट मीटर, उपभोक्ता शिकायतों, रखरखाव व्यवस्था और जीपीएस से जुड़े फील्ड वाहनों का डेटा एकीकृत किया जाएगा। इससे अधिकारियों को जल आपूर्ति नेटवर्क की निगरानी करने, मरम्मत टीमों की लोकेशन ट्रैक करने और शिकायतों पर हुई कार्रवाई की समीक्षा करने में मदद मिलेगी।

कमांड सेंटर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल ट्विन तकनीक के इस्तेमाल से पाइपलाइन फटने की आशंका का पूर्वानुमान लगाने, कम दबाव वाले क्षेत्रों की पहचान करने और पानी की मांग के पैटर्न को समझने में सहायता मिलेगी। इससे संभावित समस्याओं की पहले से पहचान कर समय रहते जरूरी कदम उठाए जा सकेंगे।

जल मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य पानी की बर्बादी कम करना, मरम्मत कार्यों में तेजी लाना और जवाबदेही बढ़ाना है। शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई के साथ उसकी प्रगति को भी ट्रैक किया जा सकेगा। इससे अधिकारियों को मौके पर बेहतर निर्णय लेने और लोगों को बेहतर सेवाएं देने में मदद मिलेगी।

जेडब्ल्यूआईएल वर्तमान में दिल्ली जल बोर्ड की चंद्रावल जल आपूर्ति परियोजना के पैकेज 2, 3 और 4 पर काम कर रही है। इन पैकेजों के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में दिल्ली की लगभग 10 प्रतिशत आबादी और भौगोलिक क्षेत्र शामिल हैं। इनमें कई महत्वपूर्ण वीआईपी क्षेत्र भी आते हैं।

बड़ी पाइपलाइनों में लीकेज की स्थिति में तत्काल मरम्मत के लिए विशेष इमरजेंसी रिस्पॉन्स वाहन तैयार किया गया है। इसमें हाई-कैपेसिटी सबमर्सिबल डी-वॉटरिंग पंप, 60 केवीए का जनरेटर सेट और मरम्मत के लिए आवश्यक उपकरण उपलब्ध हैं। इससे घटनास्थल पर बिजली उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में भी जरूरी कार्य किए जा सकेंगे।

कमांड सेंटर से जीपीएस के जरिए वाहन की लोकेशन ट्रैक की जा सकेगी और जरूरत के अनुसार उसे संबंधित स्थान पर भेजने के लिए समन्वय किया जाएगा। इस व्यवस्था से मरम्मत में होने वाली देरी कम करने, जल आपूर्ति जल्द बहाल करने तथा पानी की बर्बादी और सड़कों को होने वाले नुकसान को घटाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि बड़ी पाइपलाइन में लीकेज होने पर कुछ मिनट भी महत्वपूर्ण होते हैं। आपात स्थिति के बाद उपकरणों की व्यवस्था करने के बजाय उनका पहले से तैयार रहना समय बचाता है और जल आपूर्ति जल्द बहाल करने में सहायक होता है। उन्होंने कहा कि दिल्ली को ऐसी ही व्यावहारिक और परिणाम देने वाली व्यवस्थाओं की जरूरत है।

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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी

Livevns.news Desk
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